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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:26 · नई दिल्ली संस्करण

मंदिर बने, चर्च बने, लेकिन मस्जिद भी बने’—पीरजादा तोहा सिद्दीकी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
मंदिर बने, चर्च बने, लेकिन मस्जिद भी बने’—पीरजादा तोहा सिद्दीकी

हुगली। सोमवार को न्यू टाउन में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुर्गांगन का शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि आगामी जनवरी में उत्तर बंगाल में महाकाल मंदिर का भी शिलान्यास किया जाएगा। विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में मंदिर–मस्जिद को लेकर चर्चाएं तेज होती जा रही हैं। इसी बीच फुरफुरा शरीफ के पीरजादा तोहा सिद्दीकी ने मंगलवार को इस मुद्दे पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।पीरजादा तोहा सिद्दीकी ने मुख्यमंत्री की मंदिर निर्माण पहल की आलोचना करते हुए कहा कि मंदिर बने, चर्च बने, इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मस्जिद भी बननी चाहिए। उनका आरोप है कि मंदिर बनवाकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राजनीतिक रूप से गलत कदम उठा रही हैं।दुर्गांगन के शिलान्यास के बाद तोहा सिद्दीकी ने कहा कि जिस उम्मीद के साथ हिंदू समुदाय के लिए मंदिर बनाए जा रहे हैं, वह सफल नहीं होगी। उनके अनुसार, “ममता बनर्जी जिस तरह अब तक काम करती आई हैं, उसमें मंदिर–मस्जिद बनवाने की जरूरत नहीं थी। लेकिन अब जो हिंदू वोट इधर-उधर हो गया है, उसे वापस लाने की कोशिश की जा रही है।”उन्होंने आगे कहा कि दुर्गांगन बन रहा है, जगन्नाथ मंदिर भी बन चुका है। लेकिन किसी भी हिंदू भाई ने ममता बनर्जी से मंदिर बनाने की मांग नहीं की थी। दूसरी ओर, हम अल्पसंख्यक समुदाय के लोग मस्जिद की मांग कर रहे थे, लेकिन वह क्यों नहीं बन रही? ममता बनर्जी यह सोच रही हैं कि मंदिर बनाकर हिंदू मतदाताओं का मन जीत लेंगी और जो वोट उनसे दूर चला गया है, वह वापस आ जाएगा। मुझे लगता है, यह उनकी गलत सोच है। वहीं, अल्पसंख्यक समुदाय भी इस मुद्दे को लेकर नाराज है।तोहा सिद्दीकी ने यह भी कहा कि उन्होंने हिडको क्षेत्र में एक मस्जिद बनाने की मांग की थी। उनका दावा है कि वहां बड़ी संख्या में उच्चशिक्षित युवक-युवतियां रहते हैं, लेकिन नमाज अदा करने के लिए कोई मस्जिद नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि वक्फ के पैसे से मस्जिद क्यों नहीं बनाया जा सका। तोहा का आरोप है कि अब तक 13 मंदिर बन चुके हैं, लेकिन बार-बार कहने के बावजूद मस्जिद का निर्माण नहीं किया गया।

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