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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:23 · नई दिल्ली संस्करण

बंगाल सरकार की ईसीआई से मांग - एसआईआर में प्रतिनियुक्त अफसरों के तबादले पर रोक हटाएं

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बंगाल सरकार की ईसीआई से मांग - एसआईआर में प्रतिनियुक्त अफसरों के तबादले पर रोक हटाएं

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने गुरुवार को निर्वाचन आयोग (ईसीआई) से विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन - एसआईआर) के लिए प्रतिनियुक्त तीन आईएएस अधिकारियों के तबादले पर लगाई गई रोक को वापस लेने का अनुरोध किया है।निर्वाचन आयोग के सचिव सुजीत कुमार मिश्रा ने मंगलवार को राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को पत्र लिखकर निर्देश दिया था कि एसआईआर कार्य में प्रतिनियुक्त तीन आईएएस अधिकारी अश्विनी कुमार यादव, रणधीर कुमार और स्मिता पांडे के विभागीय तबादलों पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया था कि एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े किसी भी अधिकारी का तबादला आयोग की पूर्व अनुमति के बिना न किया जाए।राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने गुरुवार रात को अपने जवाब में इन तबादलों के पीछे का कारण स्पष्ट किया है। सरकार का कहना है कि चूंकि ये तीनों अधिकारी एसआईआर प्रक्रिया में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं, इसलिए उन पर कार्यभार कम करने के उद्देश्य से उन्हें हल्के विभागीय दायित्व सौंपे गए थे, जिसके तहत विभागीय तबादले किए गए।अब यह देखना होगा कि निर्वाचन आयोग राज्य सरकार के इस अनुरोध को स्वीकार करता है या अपने पहले के फैसले पर कायम रहता है। आरोप लग रहे हैं कि इन अधिकारियों ने एसआईआर को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार के दबाव को नहीं माना और जिनका नाम काटने योग्य था उन्हें काट रहे थे जिसकी वजह से इन पर दबाव बनाने के लिए तबादला किया गया।गौरतलब है कि एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही निर्वाचन आयोग और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच कई मुद्दों पर टकराव देखने को मिला है। इनमें दो निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और दो सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) के निलंबन और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का मामला सबसे गंभीर रहा है।तीन आईएएस अधिकारियों के विभागीय तबादले पर रोक लगाया जाना इस पूरे विवाद में ताजा कड़ी माना जा रहा है।

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