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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:23 · नई दिल्ली संस्करण

सिलीगुड़ी में क्रिसमस–न्यू ईयर के जश्न के बीच पुलिस अलर्ट, पब-बार की आड़ में बढ़ रहा नशे का कारोबार

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
सिलीगुड़ी में क्रिसमस–न्यू ईयर के जश्न के बीच पुलिस अलर्ट, पब-बार की आड़ में बढ़ रहा नशे का कारोबार

सिलीगुड़ी। एक ओर क्रिसमस और नए साल के स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं दूसरी ओर सिलीगुड़ी शहर में अधिकांश पब और बार को रात तीन बजे तक खुले रखने के फैसले ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। त्योहारों की आड़ में शहर में ब्राउन शुगर और कोकीन जैसे मादक पदार्थों का कारोबार तेजी से फैल रहा है, जिस पर पुलिस की कड़ी नजर है।पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नशा तस्कर अब पकड़े जाने से बचने के लिए अजीब-अजीब कोड नेम का इस्तेमाल कर रहे हैं। ‘रॉक’, ‘चार्ली’, ‘एडम’, ‘ईव’, ‘स्नो’ और ‘नोज कैंडी’ जैसे नामों के जरिए शहर के पब, बार और प्रभावशाली वर्ग तक नशीले पदार्थ पहुंचाए जा रहे है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि नेपाल, सिक्किम, मिजोरम और असम के रास्ते यह नशा सीधे सिलीगुड़ी के जेन-जेड युवाओं तक पहुंच रहा है।सूत्रों का दावा है कि चंपासारी मोड़ और बंगाल सफारी जैसे इलाकों से होकर सेवक रोड के पास एक निश्चित स्थान पर नशीले पदार्थों की डिलीवरी होती है। इस पूरे नेटवर्क के पीछे एक अनोखी सप्लाई चेन काम कर रही है, जहां खुद को ‘समाजसेवी’ बताने वाले कुछ युवक असल में ड्रग माफिया के कैरियर के रूप में काम कर रहे है। इनमें एक सेवक रोड इलाके का निवासी है, जबकि दूसरा दूसरे राज्य से आकर सिलीगुड़ी में ठिकाना बनाए हुए है। एजेंटों के जरिए यह नशा शहर के नामी पबों तक नियमित रूप से पहुंचाया जा रहा है।आरोप है कि सेवक रोड के दो पब में यह कारोबार सबसे ज्यादा फल-फूल रहा है। वहां नशा सेवन के लिए खास तौर पर छोटे-छोटे गुप्त केबिन या कक्ष बुक करने की सुविधा है, जहां दोस्त या करीबी लोगों के साथ समय बिताने की आड़ में नशे का सेवन किया जाता है। हाल ही में सेवक रोड के एक पब मालिक का कथित नशा करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से हड़कंप मच गया था। वीडियो में पब मालिक को अपने पब में युवकों के साथ नोट में लिपटी ब्राउन शुगर सूंघते हुए देखा गया, जबकि आसपास मौजूद लोग उसे उकसाते नजर आ रहे है। हालांकि हिन्दुस्थान समाचार ने इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की है। यह वीडियो सिलीगुड़ी पुलिस तक पहुंचने के बावजूद अब तक किसी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।केवल पब-बार ही नहीं, बल्कि कोड नेम के जरिए शहर की किसी भी पार्टी या पसंदीदा जगह पर नशीले पदार्थ आसानी से उपलब्ध हो रहे है। इधर, रात तीन बजे तक पब खुले रहने से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी कई गुना बढ़ गई है। पिछले साल 31 दिसंबर की रात सेवक रोड समेत कई इलाकों में गंभीर सड़क हादसे और गाड़ियों के पलटने की घटनाएं सामने आई थी।इन आशंकाओं को देखते हुए बिहारी सेवा समिति जैसे संगठनों ने रात दस बजे तक पब बंद करने की मांग करते हुए पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है। अधिवक्ता मनीष बारी का कहना है कि साल के आखिरी सप्ताह में ट्रैफिक निगरानी की कमी के कारण बेलगाम शराबखोरी होती है, इसलिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए।वहीं डीसीपी (ट्रैफिक) काजी शमसुद्दीन अहमद ने बताया कि ट्रैफिक नियंत्रण के लिए दस विशेष आउटपोस्ट बनाए जा रहे हैं और कड़ी निगरानी रखी जाएगी।इस बीच विधायक शंकर घोष ने नशे के कारोबार में प्रशासनिक मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पुलिस कमिश्नर से शिकायत करने की बात कही है, जबकि डिप्टी मेयर रंजन सरकार ने ड्रग कारोबार की खबरों को ‘भ्रामक दुष्प्रचार’ बताया है।

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