बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई में हो रही देरी की शिकायत को लेकर ईडब्ल्यूएस अधिकारियों से मिले पीड़ित
नई
दिल्ली एक बिल्डर से पीड़ित एक समूह आज (गुरुवार) दिल्ली
पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईडब्ल्यूएस) के अधिकारियों मिला। उनकी शिकायत
है कि उन लोगों ने जीवन भर की जमा की हुई पूंजी बिल्डर को देकर फ्लैट की
बुकिंग की लेकिन फ्लैट अभी तक नहीं मिला। वे दस वर्ष से बिल्डर से फ्लैट
मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
मंदिर मार्ग, नई दिल्ली स्थित
ईडब्ल्यूएस कार्यालय पहुंचे शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि बिल्डर के
खिलाफ शिकायत पर मामला दर्ज हो गया और मामला अदालत में चला गया। बावजूद
इसके कि 13 मई को सुनवाई होनी है अभी तक ईडब्ल्यूएस के द्वारा आरोपित
बिल्डर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं किया गया है। यहां भी उन्हें न्याय
मिलने में देरी हो रही है। वहीं बिल्डर जमानत पर खुला घूम रहा है।
इस मामले में शिकायत मिलने के बाद ईडब्ल्यूएस के सहायक पुलिस अधिकारी
मनमोहन सिंह ने आश्वस्त किया कि उनकी शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी। यह
शिकायत द्वारका एक्सप्रेस वे गुरुग्राम के सेक्टर 103 में सिद्धार्थ बिल्ड
होम लिमिटेड और चेयरमैन सिद्धार्थ चौहान के खिलाफ की गई है।
शिकायतकर्ताओं
में दिल्ली विकास प्राधिकरण के पूर्व अधीक्षण अभियंता सुदर्शन बिंदलिश ने
बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी के नाम 2010 में एक फ्लैट बुक किया था।
अपनी कमाई और सेवा निवृति से मिली एक एक पाई बिल्डर को दे दिया। यह फ्लैट
2014 में साैंपा जाना था। अभी तक बिल्डर ने फ्लैट नहीं दिया। ईडब्ल्यूएस
में शिकायत के बाद कार्रवाई इस कदर धीमी है कि चार्जशीट फाइल नहीं हुई।
अभी तक धक्के खा रहे हैं।
सुदर्शन बिंदलिश ने कहा कि शिकायत के बाद
सिद्धार्थ बिल्ड होम लिमिटेड और चेयरमैन सिद्धार्थ चौहान बिल्डर ने अब तक
585 करोड़ रुपये का गबन कर दिया लेकिन अभी तक प्रोजेक्ट का 35 प्रतिशत काम
पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि 250 करोड़ में प्रोजेक्ट के सभी फ्लैट
तैयार कर आबंटित कर दिए जाते, बने हुए फ्लैट जर्जर हो चुके हैं बिल्डिंग भी
झूक गई है।
शिकायतकर्ताओं में शामिल अंजलि कुमारी, कमलेश
गुप्ता, नीलम,डीके शर्मा, संजय उपाध्याय, विजय सैनी और कमलेश निगम ने बताया
कि उनकी एसोसिएशन एसडब्ल्यूएस पंजीकृत है। इसमें 150 सदस्य है। जिनसे
बिल्डर 95 प्रतिशत राशि वसूल चुका है। इन्होंने कहा कि ईडब्ल्यूएस में
मामला दर्ज होने के बाद तीन जांच अधिकारी बदले जा चुके हैं अभी तक चार्जशीट
दाखिल नहीं हुई। बिल्डर के खिलाफ ईडब्ल्यूएस के सुस्त रवैये से वे परेशान
हैं।





