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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:21 · नई दिल्ली संस्करण

सब्जी-फलों की खेती और इनके प्रसंस्करण से किसानों को खुशहाल बनाएगी योगी सरकार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
सब्जी-फलों की खेती और इनके प्रसंस्करण से किसानों को खुशहाल बनाएगी योगी सरकार

लखनऊ। योगी सरकार का सब्जी और बागवानी की खेती, इनके प्रसंस्करण और निर्यात पर खासा जोर है। इसके लिए सरकार कई योजनाएं भी चला रही है। फूलों और सब्जियों की खेती के लिए बाराबंकी के त्रिवेदीगंज में सात हेक्टेयर जमीन में इंडो डच सेंटर फॉर एक्सीलेंस खोला जाएगा। इसके लिए नीदरलैंड के विशेषज्ञों के साथ बैठक में दोनों पक्षों में सहमति बन चुकी है। इस सेंटर में शोध कार्य होंगे और प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।सरकार का मानना है कि अगर स्थानीय स्तर पर सब्जी और फलों की प्रसंस्करण इकाइयां लगा दी जाएं तो फलों और सब्जियों की नर्सरी, पौधरोपण, परिपक्व फलों एवं सब्जियों की तुड़ाई, ग्रेडिंग, पैकिंग, लोडिंग, अनलोडिंग और विपणन तक मिलने वाले रोजगार की संख्या कई गुना हो जाएगी। फलों और सब्जियों की खेती, उसकी उत्पादकता एवं गुणवत्ता सुधारकर किसानों को स्थानीय बाजार में या निर्यात बढ़ाकर बेहतर दाम दिलवाने का संभव प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए प्रसंस्करण पर खासा फोकस है। सरकार का लक्ष्य हर जिले में छोटी-बड़ी एक हजार प्रसंस्करण इकाइयां लगाने का है। प्रधानमंत्री खाद्य उन्नयन योजना के तहत इकाई लगाने वाले लाभार्थी को 35 फीसद अनुदान पर 30 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। अभी तक करीब 17 हजार प्रसंस्करण इकाइयां लग भी चुकी हैं। इकाई अगर किसी महिला की है और वह इसके लिए सोलर प्लांट लगवाना चाहती है तो प्लांट पर सरकार उसे 90 फीसद तक का अनुदान देती है।निर्यात बढ़ाने लिए किए जा रहे प्रयासयोगी सरकार फलों एवं सब्जियों का निर्यात बढ़ाने के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित कर रही है। उसके फोकस में यूरोपियन और संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) के संभावनायुक्त बाजार हैं। इन देशों में खाद्य पदार्थों के निर्यात के मानक बेहद सख्त हैं। इसके मद्देनजर सरकार एशिया के सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर के पास एक्सपोर्ट हब बना रही है। इसी क्रम में लखनऊ के औद्योगिक क्षेत्र नादरगंज में पहला गामा रेडिशन प्लांट बनकर तैयार है। इस प्लांट से ट्रीट फल एवं सब्जियों में किसी तरह का संक्रमण नहीं रहेगा। इनको लंबे समय तक संरक्षित रखा जा सकेगा।मांग के साथ निर्यात भी बढ़ाराज्य सरकार के प्रवक्ता के अनुसार कृषि एवं खाद्य पदार्थों की स्थानीय स्तर पर मांग के साथ निर्यात भी बढ़ा है। बढ़ती शिक्षा, बेहतर होती आर्थिक स्थिति और सेहत के प्रति जागरूकता के कारण इस मांग में लगातार वृद्धि ही होनी है। हो भी रही है। मांग बढ़ने से उत्पादन भी बढ़ रहा है। खासकर सिंचित रकबे का विस्तार, नलकूपों को फ्री बिजली, स्थानीय स्तर पर सेंटर फॉर एक्सीलेंस से सस्ते दामों पर उपलब्ध कराए जा रहे उन्नत प्रजाति के स्वस्थ पौधे आदि हैं।

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