पटना में छाया वैश्य प्रतिनिधि सम्मेलन का रंग, 29 जून को बापू सभागार में जुटेगा बिहार का हजारों वैश्य बंधु

पटना। राजधानी पटना
की सड़कों,
चौराहों, सार्व
जनिक स्थलों
और प्रमुख
बाजारों में
इन दिनों
एक ही
चर्चा है
— वैश्य प्रतिनिधि
सम्मेलन। 29 जून को आयोजित होने
वाले इस
सम्मेलन को
लेकर शहर
के कोने-कोने में
बड़े-बड़े
होर्डिंग और
बैनर लगाए
गए हैं।
बापू सभागार
में आयोजित
इस सम्मेलन
में राज्य
और देश
के प्रमुख
वैश्य हस्ती
शिरकत करेंगे।
राष्ट्रीय वैश्य महासभा
के राष्ट्रीय
अध्यक्ष श्री
समीर कुमार
महासेठ, बिनोद
जायसवाल विधान
परिषद एवं
प्रदेश अध्यक्ष
डॉ पी
के चौधरी
ने संयुक्त
रूप से बताया
कि यह
सम्मेलन वैश्य
समाज की
एकता, अधिकार
और सम्मान
की आवाज
बुलंद करने
के लिए
है। उन्होंने
कहा कि
आए दिन
बिहार में
वैश्य समाज
के साथ
घटनाएं घटती
रहती हैं,
परंतु सरकार
का रवैया
तानाशाही और
उपेक्षापूर्ण रहा है। "एक तरफ
गुंडागर्दी से वैश्य समाज त्रस्त
है तो
दूसरी ओर
प्रशासन और
पुलिसिया तंत्र
से भी
वैश्य व्यापारी
प्रताड़ित किए
जा रहे
हैं," उन्होंने कहा।
महासभा लंबे समय
से बिहार
में वैश्य
आयोग की
मांग कर
रही है,
लेकिन सरकार
ने केवल
झुनझुना पकड़ा
दिया, कोई
ठोस पहल
नहीं की।
उन्होंने संयुक्त रूप
से कहा
कि अब
वैश्य समाज
आगामी विधानसभा
चुनाव में
किसी भी
राजनीतिक दल
का बंधुआ
मजदूर बनकर
नहीं रहेगा।
"29 जून का सम्मेलन बिहार में
परिवर्तन की
नींव रखेगा,"
उन्होंने कहा
कि इस
सम्मेलन में
पूरे बिहार
से हजारों
की संख्या
में वैश्य
प्रतिनिधि, व्यापारी, छात्र, बुद्धिजीवी और
युवा शामिल
होंगे, जो
एकजुट होकर
सरकार को
यह संदेश
देंगे कि
वैश्य समाज
अब अपने
सम्मान और
हक के
लिए जाग
चुका है।
मौके पर
युवा प्रदेश
अध्यक्ष मंजीत
आनंद
साहू, महिला अध्यक्ष सीमा गुप्ता,
प्रदेश महासचिव
मनीष गुप्ता,
प्रदेश प्रवक्ता
अभिषेक गजेंद्र
मुन्ना, राष्ट्रीय
महासचिव संतोष
जायसवाल, प्रदेश
महासचिव राकेश
जायसवाल , आदि मौजूद रहे।





