मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:18 · नई दिल्ली संस्करण

कुपोषण के खिलाफ जंग में यूपी बना मॉडल, लाभार्थियों तक पहुंच रहा पौष्टिक आहार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
कुपोषण के खिलाफ जंग में यूपी बना मॉडल, लाभार्थियों तक पहुंच रहा पौष्टिक आहार

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश कुपोषण के खिलाफ अपनी लड़ाई में देश के लिए एक प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है। महिला एवं बाल विकास विभाग और बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की सक्रिय कार्यशैली के चलते प्रदेश में संचालित टेक होम राशन योजना मातृ एवं शिशु पोषण को नई मजबूती प्रदान कर रही है। पोषण, तकनीक, पारदर्शिता और महिला सशक्तीकरण को एक साथ जोड़ने वाली यह व्यवस्था अब राष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त कर रही है।

योगी सरकार ने भारत सरकार की सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 गाइडलाइन तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2023 के अनुरूप रेसिपी आधारित अनुपूरक पुष्टाहार व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया है। उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसने इस नई प्रणाली को बड़े पैमाने पर धरातल पर उतारा है। वर्तमान में प्रदेश में हर महीने लगभग 1.56 करोड़ लाभार्थियों तक पौष्टिक आहार पहुंचाया जा रहा है। इनमें छह माह से छह वर्ष तक के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं तथा अतिकुपोषित बच्चे शामिल हैं।

मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में यह पहल केवल राशन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सकारात्मक असर स्वास्थ्य संकेतकों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2015-16 की तुलना में वर्ष 2019-21 के दौरान प्रदेश में बच्चों में स्टंटिंग यानी नाटेपन की दर 39.7 प्रतिशत से घटकर 31.5 प्रतिशत तक पहुंच गई।

योगी सरकार में इस योजना के तहत विभिन्न आयु वर्गों के लिए विशेष पोषण उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। शिशु अमृत, शिशु आहार, बाल पुष्टिकर और संपूर्ण मातृ आहार जैसे उत्पाद बच्चों और महिलाओं को संतुलित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं बच्चों के लिए आरोग्य पोषण, बाल संजीवनी और सक्षम पोषण जैसी ऊर्जा युक्त विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं।

बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा राज्य पोषण मिशन की निदेशक हर्षिता माथुर ने बताया कि महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में भी यह योजना नई मिसाल बन रही है। टेक होम राशन के उत्पादन और आपूर्ति की जिम्मेदारी मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपी गई है। वर्तमान में प्रदेश की चार हजार से अधिक महिलाएं इन उत्पादन इकाइयों से जुड़कर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर रही हैं। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें