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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:26 · नई दिल्ली संस्करण

उत्तर प्रदेश: आधार कार्ड को नहीं माना जाएगा जन्म तिथि का प्रमाण पत्र, सभी विभागों को निर्देश जारी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
उत्तर प्रदेश: आधार कार्ड को नहीं माना जाएगा जन्म तिथि का प्रमाण पत्र, सभी विभागों को निर्देश जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए साफ कर दिया है कि अब आधार कार्ड को जन्म तिथि के प्रमाण पत्र के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। नियोजन विभाग ने इस संबंध में सभी सरकारी विभागों को औपचारिक आदेश जारी किया है।

यह निर्देश नियोजन विभाग के विशेष सचिव अमित सिंह बंसल की ओर से जारी किया गया है।

नियोजन विभाग के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आधार कार्ड के साथ जन्म तिथि का कोई आधिकारिक प्रमाण पत्र संलग्न नहीं होता।

यूआईडीएआई (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) भी यह मानता है कि आधार केवल पहचान और पते का दस्तावेज है, जन्म तिथि का प्रमाण नहीं।

इसके बावजूद राज्य सरकार के कई विभाग अभी तक आधार कार्ड को डेट ऑफ बर्थ प्रमाण के रूप में स्वीकार कर रहे थे। इसी को देखते हुए स्पष्टीकरण जारी किया गया है।

यूआईडीएआई, क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ की ओर से भेजे गए एक पत्रांक का हवाला देते हुए कहा गया है कि आधार कार्ड जन्म तिथि का अनुमन्य प्रमाण नहीं है।

इसके बाद यूपी सरकार के नियोजन विभाग ने सभी विभागों को इसे नियम के रूप में लागू करने का निर्देश दिया है।

विशेष सचिव अमित सिंह बंसल द्वारा जारी आदेश में विभागों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी स्थिति में आधार कार्ड को जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में स्वीकार न किया जाए।

सरकारी नौकरी, भर्ती, शैक्षिक सत्यापन, सेवा पुस्तिका, दस्तावेज परीक्षण या अन्य सभी कार्यों में अब आधार को डीओबी प्रूफ के रूप में मान्यता नहीं मिलेगी।

सूचना के लिए पत्र की प्रतियां निजी सचिव, प्रमुख सचिव, नियोजन विभाग, उप महानिदेशक, यूआईडीएआई क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ को भेजी गई है।

आदेश में विभागों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने-अपने अधीनस्थ कार्यालयों को तुरंत निर्देश जारी करें ताकि किसी स्तर पर भ्रम न रहे।

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