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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:55 · नई दिल्ली संस्करण

अमेरिका का महाविनाशक हथियार तैयार! 7 मिनट में 800 KM तबाही, रूस-चीन में हड़कंप

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
अमेरिका का महाविनाशक हथियार तैयार! 7 मिनट में 800 KM तबाही, रूस-चीन में हड़कंप

अमेरिका ने हाइपरसोनिक हथियारों की दौड़ में एक बड़ी छलांग लगाई है। अमेरिकी डिफेंस कंपनी Castl और रक्षा अनुसंधान एजेंसी DARPA द्वारा विकसित की गई नई हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल 'ब्लैकबीयर्ड' (Blackbeard) का पहला टेस्ट पूरी तरह सफल रहा है। इस टेस्ट के साथ ही अमेरिका ने चीन और रूस की हाइपरसोनिक तकनीक को सीधी चुनौती दे दी है। जानकारी के मुताबिक, यह टेस्ट पिछले हफ्ते कैलिफोर्निया के तट पर किया गया। इस दौरान मिसाइल को एक B-52 बॉम्बर से लॉन्च किया गया। लॉन्च के बाद मिसाइल ने अपनी स्क्रैमजेट इंजन को सक्रिय किया और कुछ ही सेकंड में मैक 5 से ज्यादा की गति पकड़ ली।

पेंटागन के अधिकारियों ने बताया कि मिसाइल ने 800 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 7 मिनट में तय कर ली और अपने लक्ष्य को सटीकता के साथ नष्ट कर दिया। यह मिसाइल 1000 किलोमीटर तक की रेंज के लिए डिजाइन की गई है। ब्लैकबीयर्ड की सबसे बड़ी खासियत है इसकी गति और मारक क्षमता। यह मिसाइल मैक 7 यानी आवाज की गति से 7 गुना तेज उड़ सकती है। इतनी तेज गति होने के कारण इसे दुनिया का कोई भी मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम इंटरसेप्ट नहीं कर सकता। न तो रूस का S-500 और न ही चीन का HQ-9 इसे रोकने में सक्षम है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ब्लैकबीयर्ड एक 'एयर-ब्रीदिंग' हाइपरसोनिक मिसाइल है। पुरानी हाइपरसोनिक मिसाइलों में रॉकेट इंजन का इस्तेमाल होता था, जो बहुत महंगा पड़ता था।

लेकिन इसमें स्क्रैमजेट तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो हवा से ही ऑक्सीजन लेकर ईंधन को जलाती है। इससे मिसाइल हल्की, सस्ती और ज्यादा दूरी तक मार करने वाली बन जाती है। इस मिसाइल को खास तौर पर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए तैयार किया गया है। अमेरिका का मानना है कि चीन के साथ अगर कभी तनाव बढ़ता है तो यह मिसाइल गेम चेंजर साबित होगी। चीन की नौसेना और उसके एयरबेस इस मिसाइल की रेंज में होंगे। अमेरिकी फाइटर जेट F-35 और B-21 बॉम्बर भी इस मिसाइल को कैरी कर सकेंगे। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका इस प्रोजेक्ट पर पिछले 4 साल से काम कर रहा था। 2022 में जब अमेरिका के कई हाइपरसोनिक टेस्ट फेल हुए थे, तब चीन ने इस क्षेत्र में बढ़त बना ली थी।

लेकिन ब्लैकबीयर्ड की सफलता ने अमेरिका को फिर से रेस में सबसे आगे ला दिया है। पेंटागन ने घोषणा की है कि 2027 तक इस मिसाइल का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू हो जाएगा और इसे अमेरिकी वायुसेना और नौसेना दोनों में शामिल किया जाएगा। इस टेस्ट की सफलता के बाद रूस और चीन में भी हड़कंप मचा है, क्योंकि यह मिसाइल महज कुछ मिनटों में उनके सबसे सुरक्षित ठिकानों को भी तबाह करने की क्षमता रखती है।

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