अमेरिका में हड़कंप! पेंटागन का सर्वर हैक, 30 लाख अमेरिकी जवानों की सीक्रेट डिटेल लीक, दुनियाभर में अलर्ट

अमेरिका के रक्षा मुख्यालय पेंटागन में एक बड़ा साइबर हमला सामने आया है। इस हमले में 30 लाख से ज्यादा अमेरिकी सैन्य कर्मियों, पूर्व सैनिकों और रक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों का निजी डेटा लीक होने का दावा किया जा रहा है। लीक हुए डेटा में मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, सोशल मीडिया प्रोफाइल, जॉब डिटेल्स, रैंक और पोस्टिंग की जानकारी शामिल है। इस घटना के बाद अमेरिका में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह साइबर अटैक पेंटागन के एक थर्ड-पार्टी कॉन्ट्रैक्टर के सर्वर पर हुआ। हैकर्स ने इसी सर्वर के जरिए रक्षा विभाग के ह्यूमन रिसोर्स और रिक्रूटमेंट से जुड़े डेटाबेस में सेंध लगाई। शुरुआती जांच में पता चला है कि हैकर्स ने पिछले 6 महीने से इस सिस्टम में अपनी पहुंच बना रखी थी, लेकिन इसका पता अब जाकर चला।
अमेरिकी रक्षा विभाग ने बयान जारी कर कहा है कि उन्हें संदिग्ध गतिविधि का पता चला है और मामले की जांच FBI और साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CISA कर रही हैं। हालांकि, पेंटागन ने अभी तक यह नहीं बताया कि यह डेटा डार्क वेब पर बेचा गया है या नहीं। साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह सिर्फ एक सामान्य डेटा लीक नहीं है। अगर 30 लाख सैन्य कर्मियों के कॉन्टैक्ट और सोशल मीडिया डिटेल्स दुश्मन देशों या आतंकी संगठनों के हाथ लग जाती हैं, तो इसका इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग, फिशिंग और जासूसी के लिए किया जा सकता है। खास तौर पर जो सैनिक सीक्रेट मिशन या न्यूक्लियर बेस पर तैनात हैं, उनकी पहचान उजागर होने से राष्ट्रीय सुरक्षा को बड़ा खतरा हो सकता है।
हैकर्स इस डेटा से फर्जी लिंक्डइन या फेसबुक प्रोफाइल बनाकर सैनिकों को निशाना बना सकते हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि लीक हुए डेटा में 12 लाख एक्टिव ड्यूटी सैनिक, 8 लाख रिजर्व फोर्स और 10 लाख से ज्यादा पूर्व सैनिक और सिविलियन स्टाफ शामिल हैं। अभी तक किसी भी हैकिंग ग्रुप ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन अमेरिकी मीडिया में रूस और चीन समर्थित हैकर ग्रुप्स पर शक जताया जा रहा है। पिछले कुछ सालों में अमेरिका के कई सरकारी विभाग चीनी हैकर्स के निशाने पर रहे हैं। व्हाइट हाउस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा है कि सैन्य कर्मियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और प्रभावित सभी लोगों को जल्द ही नोटिफिकेशन भेजा जाएगा।
उन्हें अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की प्राइवेसी बढ़ाने और अनजान कॉल्स और ईमेल से बचने की सलाह दी गई है। डेटा लीक के बाद पेंटागन ने सभी आंतरिक ईमेल सिस्टम का पासवर्ड रीसेट करने का आदेश दिया है। थर्ड-पार्टी वेंडर के साथ कॉन्ट्रैक्ट को फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया है और सभी सर्वरों का फॉरेंसिक ऑडिट किया जा रहा है। यह घटना एक बार फिर बताती है कि भविष्य के युद्ध सिर्फ बंदूकों से नहीं, बल्कि साइबर स्पेस में भी लड़े जाएंगे।
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