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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:55 · नई दिल्ली संस्करण

सदन में राहुल के आरोपों पर घमासान, संबित पात्रा ने साधा निशाना

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
सदन में राहुल के आरोपों पर घमासान, संबित पात्रा ने साधा निशाना

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद संबित पात्रा ने बुधवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में तथ्यों के बिना दावे कर रहे हैं, असंसदीय भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और सुरक्षा बलों के बारे में भ्रामक बातें कहकर उनका मनोबल गिराने की कोशिश कर रहे हैं।

दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबित पात्रा ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कई बार नियम पुस्तिका दिखाकर स्पष्ट किया है कि 'इडियट' शब्द असंसदीय है और इसका इस्तेमाल सदन में नहीं किया जा सकता।

इसके बावजूद विपक्ष लगातार इस शब्द का प्रयोग कर रहा है।

उन्होंने राहुल गांधी के उस दावे पर भी सवाल उठाया जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 वाहनों के काफिले के साथ पहुंचे थे।

संबित पात्रा ने कहा, "आज मैं राहुल गांधी को चुनौती देता हूं कि हमारे साथ आइए और गाड़ियां गिनिए।

बताइए अमित शाह का 30 गाड़ियों का काफिला कहां था? क्या जो व्यक्ति सदन के अंदर पांच मिनट तक नहीं बैठ सकता, वह बाहर खड़े होकर गाड़ियां गिन सकता है?"

उन्होंने आगे कहा कि उन्हें नहीं लगता कि प्रधानमंत्री के काफिले में भी 30 वाहन होते हैं। "यह पूरी तरह झूठ है। अमित शाह ऐसे नेता हैं जिनसे नक्सली तक डरते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उन्होंने दिन-रात मेहनत कर देश को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में काम किया।

जिन्होंने सैकड़ों हत्याओं के जिम्मेदार नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई की, वे किसी से डरने वाले व्यक्ति नहीं हैं।"

संबित पात्रा ने राहुल गांधी के उस आरोप को भी खारिज किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सदन में उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया था।

उन्होंने कहा, "मैं सदन में मौजूद था। राहुल गांधी कह रहे थे कि उनका माइक्रोफोन बंद है, जबकि लाल बत्ती जल रही थी। लाल बत्ती का मतलब है कि माइक्रोफोन चालू था। फिर वह कैसे बंद हो सकता है?"

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "क्या आप जानते हैं कि राहुल गांधी हमेशा अपने हाथ जेब में क्यों रखते हैं? क्योंकि दोनों जेबों में वे हमेशा 'विक्टिम कार्ड' लेकर चलते हैं।"

भाजपा सांसद ने कहा कि आजादी के 75 वर्षों में, भाजपा सरकारों को छोड़कर जब भी कांग्रेस या कांग्रेस समर्थित सरकारें केंद्र में रहीं, उनकी चिंता 'जेन-जी' यानी गांधी परिवार रही, न कि देश की युवा पीढ़ी।

उन्होंने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के छात्र आंदोलनों के दौरान कांग्रेस सरकारों ने छात्रों पर गोली चलवाई, जबकि असम में ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन के आंदोलन के दौरान भी छात्रों पर गोली चलाई गई और 800 से अधिक छात्रों की मौत हुई। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में भी कांग्रेस के शासनकाल में लोगों पर गोली चलाई गई थी।

संबित पात्रा ने कांग्रेस नेताओं के उन बयानों को भी खारिज किया, जिनमें संसद में यह आरोप लगाया गया था कि सुरक्षा बलों ने लड़कियों के कपड़े फाड़े।

उन्होंने कहा, "यह पूरी तरह गलत और झूठा आरोप है। हमारे सशस्त्र बल और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं और भारत माता की अस्मिता की सुरक्षा करते हैं। संसद में खड़े होकर यह कहना कि उन्होंने लड़कियों के कपड़े फाड़े, बेहद अनुचित और गंभीर मामला है।"

उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोप सुरक्षा बलों का मनोबल गिराते हैं। पात्रा ने कहा कि कुछ ऐसे नेता, जो पहले कांग्रेस में नहीं थे और बाद में पार्टी में शामिल हुए, पहले भी जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में सुरक्षा बलों पर महिलाओं के साथ दुष्कर्म जैसे आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे ऐसा कोई नैरेटिव न गढ़ें, जिससे देश के सुरक्षा बलों का मनोबल कमजोर हो।

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