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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:25 · नई दिल्ली संस्करण

फार्मा हब बनने को तैयार उप्र, चार दिग्गज कंपनियां करेंगी निवेश

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
फार्मा हब बनने को तैयार उप्र, चार दिग्गज कंपनियां करेंगी निवेश

लखनऊ,

17 फरवरी । उत्तर प्रदेश को फार्मा हब बनाने की योगी सरकार की

नीतियां देश की नामचीन मेडिकल कंपनियों को काफी रास आ रही हैं। इसके चलते

प्रदेश में फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनियां बड़े स्तर पर निवेश के लिए

उत्सुक हैं।

प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि

तेलंगाना की चार दिग्गज फार्मा कंपनियों ने प्रदेश में करोड़ों रुपये के

निवेश की तैयारी की है। साथ ही ये कंपनियां ड्रग व मेडिकल पार्कों के विकास

व उत्तर प्रदेश को फार्मा सेक्टर का हब बनाने के रोडमैप पर भी कार्य करने

के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उल्लेखनीय है कि 18 जनवरी को योगी

सरकार ने हैदराबाद में फार्मा कॉन्क्लेव का आयोजन किया था। इसमें उत्तर

प्रदेश में ड्रग व फार्मा मैनुफैक्चरिंग कल्चर को बढ़ावा देने और सरकार

द्वारा बनाई गई फार्मा पॉलिसी के साथ ही दी जा रही सहूलियतों के बारे में

जागरूकता का प्रसार किया गया। यही कारण है पिछली सरकारों में अवहेलना का

दंश झेल रहा उत्तर प्रदेश अब दिग्गज फार्मा कंपनियों की व्यापक उपस्थिति के

साथ ड्रग व फार्मा सेक्टर में भी देश का ग्रोथ इंजन बनने के पथ पर तेजी से

आगे बढ़ रहा है।

फार्मा कॉन्क्लेव बना निवेश आकर्षित करने का माध्यम

हैदराबाद

में 18 जनवरी को आयोजित किए गए फार्मा कॉन्क्लेव के जरिए योगी सरकार ने

प्रदेश को ड्रग व फार्मा मैनुफैक्चरिंग क्लस्टर के तौर पर विकसित करने और

बड़ा हब बनाने की अपनी मंशा जाहिर की थी। इस आयोजन से इच्छुक निवेशकों के

नेतृत्व के साथ व्यक्तिगत बैठकें करके निवेश का मार्ग प्रशस्त किया था।

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि इसी के फलस्वरूप डॉ. रेड्डीज

लैबोरेटरीज ने यीडा में मेडिकल डिवाइस पार्क के पास या नोएडा व ग्रेटर

नोएडा में अन्य रणनीतिक स्थान पर एक अनुसंधान प्रयोगशाला स्थापित करने में

रुचि व्यक्त की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ललितपुर में बल्क ड्रग पार्क के

भीतर निवेश के अवसर तलाशने में रुचि दिखाई है, जिसके लिए 150 एकड़ से अधिक

भूमि की आवश्यकता है। वहीं, ग्रेटर नोएडा में फार्मास्युटिकल विनिर्माण

सुविधा स्थापित करने में रुचि व्यक्त की है। उन्होंने मेडिकल डिवाइस पार्क,

नोएडा या ग्रेटर नोएडा में एक बायोटेक प्रयोगशाला और एक विनिर्माण इकाई

स्थापित करने में भी रुचि दिखाई है।

विंस बायोप्रोडक्ट्स लिमिटेड (वीबीएल) व रॉलवेल इंडस्ट्रीज ने भी जताई रुचि

प्रदेश

को ड्रग व फार्मा मैनुफैक्चरिंग क्लस्टर के तौर पर विकसित करने और बड़ा हब

बनाने के लिए वीबीएल तथा रॉलवेल इंडस्ट्रीज ने भी रुचि जताई है। वीबीएल

द्वारा लगभग 10-15 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश और लगभग 5-10 एकड़ भूमि

की आवश्यकता के साथ, मेडिकल डिवाइस पार्क, नोएडा या आसपास के क्षेत्र में

सांप के जहर एंटीसीरम को निकालने के लिए एक अनुसंधान प्रयोगशाला स्थापित

करने की इच्छा व्यक्त की गई है। वहीं, रॉकवेल इंडस्ट्रीज ने विशिष्ट सहायक

इकाइयों को एकीकृत करने के इरादे के साथ-साथ, वैक्सीन वाहकों पर प्राथमिक

जोर देने के साथ, नोएडा में मेडिकल डिवाइस पार्क के भीतर एक विनिर्माण

सुविधा स्थापित करने में अपनी रुचि व्यक्त की है। उसे संयंत्र स्थापित करने

के लिए भूमि की आवश्यकता लगभग 35-40 एकड़ है और कुल निवेश 400-500 करोड़

रुपये होने का अनुमान है।

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