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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:54 · नई दिल्ली संस्करण

यूपी सरकार ने होम स्टे नीति में किया बदलाव

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
यूपी सरकार ने होम स्टे नीति में किया बदलाव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने और होम स्टे संचालकों को अधिक सुविधाएं देने के उद्देश्य से 'उत्तर प्रदेश बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होम स्टे नीति-2025' की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में संशोधन किया है। नई व्यवस्था के तहत अब होम स्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठानों में अधिकतम आठ कमरों का पंजीकरण कराया जा सकेगा। साथ ही पंजीकरण प्रमाण पत्र के स्व-नवीनीकरण (ऑटो-रिन्यूअल) की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मंगलवार को बताया कि हितधारकों की सुविधा और नीति को अधिक लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से एसओपी में संशोधन किया गया है। उन्होंने बताया कि संशोधित व्यवस्था के अनुसार होम स्टे प्रतिष्ठान में न्यूनतम एक और अधिकतम आठ कमरे पंजीकृत कराए जा सकेंगे।

जिन भवनों में नौ या उससे अधिक कमरे होंगे, वे इस नीति के तहत पंजीकरण के पात्र नहीं होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि होम स्टे का मालिक या उसका परिवार उसी भवन में निवासरत होना अनिवार्य होगा। मंत्री ने बताया कि बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठानों के लिए भी न्यूनतम एक और अधिकतम आठ कमरों के पंजीकरण का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा 16 बिस्तरों तक की डॉरमेट्री को भी इस श्रेणी में पात्र इकाई माना जाएगा। उन्होंने कहा कि होम स्टे, ग्रामीण होम स्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठानों के पंजीकरण प्रमाण पत्र का स्व-नवीनीकरण अब उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के पोर्टल के माध्यम से आवेदक स्वयं कर सकेंगे। यह प्रक्रिया पंजीकरण की वैधता समाप्त होने से तीन माह पहले शुरू की जा सकेगी।

जयवीर सिंह ने बताया कि यदि कोई आवेदक निर्धारित समय के भीतर ऑटो-रिन्यूअल नहीं करा पाता है, तो उसका आवेदन जिला स्तरीय समिति के विवेक पर विचार किया जाएगा। इसके लिए आवेदक को देरी का पर्याप्त और उचित कारण प्रस्तुत करना होगा

उन्होंने बताया कि पूर्व में जारी एसओपी के तहत होम स्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठानों में अधिकतम छह कमरों के पंजीकरण की अनुमति थी, जबकि डॉरमेट्री की क्षमता 12 बिस्तरों तक सीमित थी।

संशोधन के बाद कमरों की अधिकतम संख्या बढ़ाकर आठ और डॉरमेट्री की क्षमता बढ़ाकर 16 बिस्तर कर दी गई है। इसके साथ ही पंजीकरण के स्व-नवीनीकरण की प्रक्रिया को भी अधिक सरल और सुविधाजनक बनाया गया है।

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