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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:48 · नई दिल्ली संस्करण

यूपी एटीएस की बड़ी कार्रवाई, टेरर फंडिंग जांच में टीएमसी नेता के ठिकानों पर रेड

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
यूपी एटीएस की बड़ी कार्रवाई, टेरर फंडिंग जांच में टीएमसी नेता के ठिकानों पर रेड

कोलकाता। उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) के अधिकारियों ने सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (सीएपीएफ) के जवानों के साथ मिलकर गुरुवार को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में एक स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता के घर और एक मदरसे पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित टेरर फंडिंग मामले के सिलसिले में की गई।

नॉर्थ 24 परगना जिले के हसनाबाद ब्लॉक में ऐतिहासिक रामेश्वरपुर गांव में तलाशी अभियान शुरू हुआ। इसमें स्थानीय टीएमसी नेता अब्दुल्ला गाजी के घर और रामेश्वरपुर दारुल उलूम मदरसे पर छापा मारा गया। जांच करने वालों को शक है कि विदेश से बड़ी रकम अब्दुल्ला गाजी और उनके बेटे के बैंक खातों में भेजी गई थी।

कहा जा रहा है कि यह पैसा मदरसे के विस्तार और निर्माण के लिए था।

सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश एटीएस ने दो साल पहले भी इन्हीं आरोपों में अब्दुल्ला गाजी को गिरफ्तार किया था और मामले की जांच चल रही थी। जांच करने वालों को इस मामले से जुड़े नए दस्तावेज मिलने के बाद फिर से छापेमारी की गई है।

जांच करने वालों का मानना ​​है कि मदरसे के निर्माण के लिए ग्रांट के नाम पर भारी विदेशी फंड इकट्ठा किया गया था, हालांकि जांच में पता चला कि पैसे का इस्तेमाल बताए गए मकसद के लिए करने के बजाय शेल कंपनियों के नेटवर्क के जरिए उसे दूसरी जगह भेज दिया गया।

एटीएस को शक है कि फंड का कुछ हिस्सा टेरर फाइनेंसिंग (आतंकवाद के लिए पैसे जुटाने) में इस्तेमाल किया गया हो सकता है । जब छापेमारी करने वाली टीमें अब्दुल्ला गाजी के घर पहुंची तो वे और उनका बेटा दोनों ही फरार थे।

इस रिपोर्ट के लिखे जाने के समय तलाशी अभियान चल रहा था और जांच करने वाले गाजी के घर पर छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों की जांच कर रहे थे।

इस बीच, एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) की तीन टीमों ने बसीरहाट सब-डिविजन के हारोआ इलाके में एक ट्रस्ट, एक शिक्षण संस्थान और एक मदरसे में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। ईडी की यह कार्रवाई व्यवसायी अब्दुस समद से जुड़े बैंक खातों में विदेशी मुद्रा के बड़े लेन-देन का पता चलने के बाद की गई।

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