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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:00 · नई दिल्ली संस्करण

अखिलेश यादव सुबह से ही सोशल मीडिया पर हुए सक्रिय, वोट डालने की करते रहे अपील

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
अखिलेश यादव सुबह से ही सोशल मीडिया पर हुए सक्रिय, वोट डालने की करते रहे अपील

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सुबह से ही अपने मतदाताओं को बूथ तक जाने और चुनाव आयोग से वोट डालने के लिए सहुलियत प्रदान करने के लिए अपील करते रहे। सोशल मीडिया के माध्यम से उन्होंने जगह-जगह कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गये आरोपों को भी उठाते रहे।चुनाव के दौरान सुबह से दोपहर तक उन्होंने एक्स पर चार बार पोस्ट डाले।एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, “उत्तर प्रदेश में जिन मतदाताओं को पुलिस-प्रशासन द्वारा वोट डालने से रोका गया है, वो एक बार फिर से वोट डालने जाएं। इस चुनावी गड़बड़ी की सूचना हर तरफ़ फैल गई है। चुनाव आयोग भी सतर्क हो गया है और अब उसकी तरफ़ से ये आश्वासन मिल रहा है कि जिन लोगों को वोट डालने से रोका गया है, वो एक बार फिर से जाएं और अपना वोट ज़रूर डालें। अब कोई गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। अगर फिर से कोई रोके तो आप वहाँ उपस्थिति चुनाव आयोग के अधिकारियों या राजनीतिक दलों के लोगों को सूचित करें या चुनाव आयोग से सीधी शिकायत करें। चुनाव आयोग से मिले इस आश्वासन के लिए धन्यवाद। प्रशासन व पुलिस के बेईमान अधिकारी बख़्शे नहीं जाएंगे। उनके वीडियो साक्ष्य उनके ख़िलाफ़ वैधानिक कार्रवाई का आधार बनेंगे। बेख़ौफ़ जाएं और अपना वोट ज़रूर डालकर आएं!”उन्होंने दूसरी पोस्ट में लिखा, “अगर निर्वाचन आयोग का कोई जीता-जागता अस्तित्व है तो वो जीवंत होकर, प्रशासन के द्वारा वोटिंग को हतोत्साहित करने के लिए तुरंत सुनिश्चित करे: - लोगों की आईडी पुलिस चेक न करे। - ⁠रास्ते बंद न किये जाएं। - ⁠वोटर्स के आईडी ज़ब्त न किये जाएं। - ⁠असली आईडी को नक़ली आईडी बताकर जेल में डालने की धमकी न दी जाए। - मतदान की गति घटायी न जाए। - ⁠समय बर्बाद न किया जाए, ज़रूरत पड़ने पर वोटिंग का टाइम बढ़ाया जाए। - प्रशासन सत्ता का प्रतिनिधि न बने।⁠ - चुनावी गड़बड़ी की सभी वीडियो रिकार्डिंग का रीयल टाइम संज्ञान लेकर तत्काल बेईमान अधिकारी हटाए जाएं।”तीसरी पोस्ट में उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय और निर्वाचन आयोग से अपील कि अभी-अभी प्राप्त वीडियो साक्ष्यों के आधार पर तत्काल संज्ञान लेते हुए दंडात्मक कार्रवाई करें और निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया को भी सुनिश्चित करें। जो भी पुलिस अधिकारी वोटर कार्ड और आधार आईडी चेक कर रहे हैं, उन्हें वीडियो के आधार पर तुरंत निलंबित किया जाए। पुलिस को आधार आईडी कार्ड या पहचान पत्र जाँचने का कोई अधिकार नहीं है।सुबह सबसे पहले अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा, “वोट की प्रक्रिया को लेकर जो प्रयास ‘रात-दिन’ किया जा रहा है, उससे ये स्पष्ट हो गया है कि अब तो मतदाता दुगुने उत्साह से वोट डालनें जाएंगे। परिणाम तभी निकलते हैं जब एक भी वोट न तो बँटता है, न घटता है। उप्र के जागरूक और साहसी मतदाता अपने वोट करने के उस अधिकार के लिए शत-प्रतिशत घर से निकल रहे हैं, जो हर अधिकार का आधार है। आशा है निर्वाचन आयोग व प्रशासन इस तरह से निष्पक्ष और निष्कंटक चुनाव सम्पन्न कराएगा कि उप्र के समस्त मतदाता उन्हें धन्यवाद और बधाई देंगे। चुनाव में गड़बड़ करने वाले ध्यान रखें मतदाता व समस्त राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता व पदाधिकारी अपने मोबाइल के साथ हर जगह समस्त सबूत इकट्ठा करने के लिए तैनात हैं, जिससे कल को वैधानिक कार्रवाई करने का ठोस आधार बन सके। जनता की चेतना ही चेतावनी है।”

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