ऑपरेशन मिलाप के तहत 2.5 साल के गुमशुदा मासूम को दिल्ली पुलिस ने मिलाया मां से, सदर बाजार थाना पुलिस की मानवीय पहल

ऑपरेशन मिलाप के तहत 2.5 साल के गुमशुदा मासूम को दिल्ली पुलिस ने मिलाया मां से, सदर बाजार थाना पुलिस की मानवीय पहल
नई दिल्ली, 11 जुलाई 2025। दिल्ली पुलिस के "ऑपरेशन मिलाप" के अंतर्गत एक बार फिर इंसानियत और तत्परता की मिसाल पेश की गई है। सदर बाजार थाना क्षेत्र में गुम हुए ढाई साल के मासूम बालक को पुलिस ने उसके परिजनों से सुरक्षित मिलवा दिया, जिससे एक माँ की ममता को चैन और पूरे मोहल्ले को राहत मिली।
यह घटना 8 जुलाई 2025 की है जब एक स्थानीय व्यक्ति ज़ैद, निवासी घास मंडी, पहाड़ी धीरज, सदर बाजार, एक 2-3 वर्ष के लावारिस बच्चे को लेकर सदर बाजार थाने पहुंचा। बच्चा न तो अपना नाम बता पा रहा था, न ही अपने घर का पता। मामले की गंभीरता को समझते हुए थाने के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत सूचना दी गई और महिला एसआई पूजा मीणा और कांस्टेबल समर्थ की एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसका नेतृत्व इंस्पेक्टर साहदेव सिंह तोमर, SHO/सदर बाजार कर रहे थे और मार्गदर्शन एसीपी विदुषी कौशिक द्वारा किया गया।
खोज अभियान और सफलता
टीम ने घास मंडी इलाके में स्थानीय लोगों से पूछताछ शुरू की और बच्चे की पहचान तथा उसके परिजनों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। अथक प्रयासों के बाद, सुमन, पत्नी हरीश चंद, निवासी सदर बाजार, को ढूंढ निकाला गया, जिन्होंने बच्चे को पहचान कर बताया कि वह उनका बेटा "ए" (उम्र 2.5 वर्ष) है। भावुक क्षण तब आया जब बच्चे ने भी अपनी मां को पहचान लिया और दौड़कर गले लग गया।
पुष्टि और बयान दर्ज करने के बाद, बच्चे को सुरक्षित रूप से उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया।
सराहना योग्य कार्य
दिल्ली पुलिस की यह संवेदनशील और मानवीय पहल, जिसमें तत्परता, समुदाय का सहयोग और सटीक कार्रवाई शामिल थी, निश्चित रूप से प्रशंसा के योग्य है। "ऑपरेशन मिलाप" के अंतर्गत एक मासूम को उसके परिवार से मिलाकर पुलिस ने न केवल अपने कर्तव्य का निर्वहन किया बल्कि समाज में भरोसे का भाव भी और मजबूत किया।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब पुलिस संवेदनशीलता के साथ कार्य करती है, तो वह कानून-व्यवस्था के रखवाले ही नहीं, बल्कि मानवता के सच्चे प्रहरी भी बन जाते हैं।





