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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:52 · नई दिल्ली संस्करण

उमर खालिद को 22 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

नई दिल्ली। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ्तार जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद को 22 अक्टूबर तक की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एडिशनल सेशंस जज अमिताभ रावत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये उमर खालिद की पेशी के बाद ये आदेश जारी किया। उमर खालिद की आज पुलिस हिरासत खत्म हो रही थी जिसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट में पेश किया। पेशी के दौरान उमर खालिद ने कहा कि उसने किसी भी बयान पर अपना हस्ताक्षर नहीं किया है। उमर खालिद ने कहा कि वह अपने साथ एक किताब रखना चाहता है जो उसे पढ़ रहा था। वो जेल जाने के पहले अपने माता-पिता से मिलना चाहता है। उसके बाद कोर्ट ने जेल जाने से पहले उमर खालिद को अपने माता-पिता से मिलने की अनुमति दे दी। कोर्ट पिछले 14 सितंबर को ने उमर खालिद को आज तक की पुलिस हिरासत में भेजा था। सुनवाई के दौरान उमर खालिद की ओर वकील त्रिदिप पेस ने कहा था कि उसे झूठे तरीके से फंसाया गया है। दिल्ली में हुए दंगों के दौरान वह दिल्ली में नहीं था। दिल्ली दंगों के दौरान उसने केवल एक जगह अमरावती में भाषण दिया था। उमर खालिद की ओर से कहा गया था कि वो पोपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का सदस्य नहीं है। उमर खालिद ने कहा था कि उसके भाषणों का गलत मतलब निकाला गया। खालिद के वकील ने कहा था कि इस बात के कोई प्रमाण नहीं हैं कि उसने दिल्ली दंगाईयों को धन मुहैया कराया । खालिद ने कहा था कि उसके खिलाफ यूएपीए के तहत लगाए गए आरोप गलत हैं। उमर खालिद को 13 सितंबर को करीब दस घंटे की पूछताछ के बाद स्पेशल सेल ने रात में गिरफ्तार कर लिया था। पिछले 17 सितंबर को कोर्ट ने दिल्ली दंगों को लेकर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की ओर से दायर चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। 16 सितंबर को स्पेशल सेल करीब 18 हजार पन्नों का चार्जशीट लेकर दो बक्सों में पहुंची थी। स्पेशल सेल ने ताहिर हुसैन को मुख्य आरोपी बनाया है। ताहिर हुसैन के अलावा जिन्हें आरोपी बनाया गया है उनमें इशरत जहां, मीरान हैदर, गुलफिशा खातून, सफूरा जरगर, शफा-उर-रहमान, आसिफ इकबाल तान्हा, अब्दुल खालिद सैफी, शादाब अहमद, नताशा नरवाल, देवांगन कलीता, तसलीम अहमद, सलीम मलिक, मोहम्मद सलीम खान और अतहर खान के नाम शामिल हैं। इस चार्जशीट में उमर खालिद और जामिया युनिवर्सिटी के छात्र शरजील इमाम का नाम शामिल नहीं है। बता दें कि दिल्ली दंगों में कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई थी और काफी लोग घायल हुए थे।

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