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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:17 · नई दिल्ली संस्करण

टुलू मंडल केस: पुलिस का बड़ा एक्शन, 220 करोड़ की संपत्तियां फ्रीज

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
टुलू मंडल केस: पुलिस का बड़ा एक्शन, 220 करोड़ की संपत्तियां फ्रीज

जांच में मिली अधिकारियों के नाम वाली डायरी

कोलकाता। बीरभूम के चर्चित पत्थर कारोबारी टुलू मंडल से जुड़े मामले में पुलिस की जांच लगातार तेज होती जा रही है। जिला पुलिस का दावा है कि अब तक इस मामले में लगभग 220 करोड़ रुपये की नकदी और संपत्ति फ्रीज की जा चुकी है। इस बीच टुलू के व्यवसाय के प्रबंधक सीतेश प्रमाणिक की गिरफ्तारी के बाद जांच में कई नए खुलासे होने का दावा किया गया है।

पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर रविवार देर रात सीतेश प्रमाणिक को गिरफ्तार किया था। सोमवार को उसे सिउड़ी अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

सरकारी अधिवक्ता विभास चटर्जी ने मंगलवार सुबह बताया कि पूछताछ के दौरान सीतेश के पास से एक डायरी बरामद हुई है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के नाम दर्ज हैं। इसके अलावा पुलिस ने नकली डीसीआर (डिमांड कलेक्शन रसीद) छापने की मशीन भी बरामद की है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इन्हीं फर्जी रसीदों का उपयोग कर पत्थरों की अवैध ढुलाई और तस्करी की जाती थी।

टुलू मंडल पर लंबे समय से अवैध पत्थर कारोबार चलाने के आरोप लगते रहे हैं। जांच से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि इस पूरे कारोबार को बढ़ावा देने में पुलिस और प्रशासन के कुछ लोगों की भूमिका भी हो सकती है। बरामद डायरी में दर्ज नामों के सामने आने के बाद इन संभावित संबंधों की भी जांच की जा रही है।

जिला पुलिस के अनुसार, टुलू मंडल विदेश में रहने के बावजूद अपने क्षेत्र में कारोबार संचालित कर रहा था। पुलिस का यह भी दावा है कि फर्जी डीसीआर गिरोह अब भी सक्रिय है।

24 जुलाई को मोहम्मदबाजार थाना क्षेत्र में पत्थर से लदे एक डंपर के दस्तावेजों की जांच के दौरान भूमि एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को फर्जी डीसीआर का पता चला था। चालक द्वारा प्रस्तुत डीसीआर का नंबर सरकारी रजिस्टर में दर्ज नहीं मिला। इसके बाद भूमि एवं राजस्व विभाग की शिकायत पर मोहम्मदबाजार थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि इस प्रकरण में भी टुलू मंडल को आरोपित बनाया जा सकता है।

इससे पहले राज्य सरकार ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा था कि सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग किया गया है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ। सरकार ने टुलू मंडल और उसके रिश्तेदार मीनार के ठिकानों से जब्त नकदी, सोना, दस्तावेज और अन्य संपत्तियों का भी विवरण सार्वजनिक किया था। अब बीरभूम के पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि की है कि जांच के दौरान अब तक लगभग 220 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी और संपत्तियां फ्रीज की जा चुकी हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और बरामद दस्तावेजों तथा डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

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