तीसरे दिन खुली केदारनाथ धाम की यात्रा, फंसे हुए यात्रियों को भेजा गया केदारनाथ
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ हाइवे सोमवार को मुनकटिया गणेश के अलावा बांसबाड़ा में घंटों तक बाधित रहा। सुबह से ही हाइवे पर मलबा आने के कारण वाहनों की आवाजाही ठप हो गई थी। हालांकि मुनकटिया में दोपहर तक सड़क मार्ग सही हो गया था, लेकिन बांसबाड़ा में हाइवे पर लगातार मलबा गिरता रहा, जिसके कारण हाइवे पर दिनभर वाहनों की आवाजाही नहीं हो पाई। बड़े वाहन हाइवे पर ही फंसे रहे। बांसबाड़ा डेंजर जोन पर सोमवार दिनभर वाहनों की आवाजाही ठप रही। बांसबाड़ा में हाइवे पर दिनभर पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरते रहे। बार-बार हाइवे को खोलने का कार्य भी शुरू किया गया, लेकिन पहाड़ी से लगातार गिर रहे मलबे के कारण हाइवे नहीं खुल पाया। छोटे वाहन तो वैकल्पिक मार्गों से चले गये, लेकिन बड़े वाहन हाइवे पर ही फंसे रहे।
बांसबाड़ा में आये दिन हाइवे बाधित होने से केदारनाथ धाम की यात्रा भी प्रभावित हो रही है। यात्रा पर आने वाले तीर्थ यात्रियों को घंटों तक बांसबाड़ा में हाइवे खुलने का इंतजार करना पड़ रहा है। बांसबाड़ा डेंजर जोन पर सफर करते समय दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर सोमवार को तीर्थ यात्रियों की आवाजाही शुरू हो पाई। मार्ग को छोड़ी में फिलहाल आवाजाही के लिए बनाया गया है। यहां पर खतरा बरकरार है। हालांकि सुबह सोनप्रयाग से सौ यात्री केदारनाथ धाम गये थे। लगातार पहाड़ी टूटने से दिक्कतें बढ़ सकती हैं। यात्री तीन दिनों से केदारनाथ धाम की यात्रा खुलने का इंतजार कर रहे थे। सोनप्रयाग, सीतापुर आदि स्थानों पर यात्री रुके हुये थे। हालांकि केदारनाथ धाम से नीचे आने वाले यात्रियों को किसी तरह पैदल मार्ग से गौरीकुंड भेजा गया था।
बरसात में केदारनाथ हाइवे के अलावा केदारनाथ पैदल मार्ग पर सफर करना खतरनाक साबित हो सकता है। हालांकि मार्ग पर पुलिस एवं एसडीआरएफ की टीमें यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगाई गई हैं। डीडीएम गुप्तकाशी के अधिशासी अभियंता प्रवीन कर्णवाल ने बताया कि पैदल मार्ग को आवाजाही के लिये खोला गया है। यात्रियों और घोड़े- खच्चरों की आवाजाही सुचारू हो गई है।





