वॉच टावर से सैलानी देखेंगे जोगिया दरी का सौंदर्य, जंगल की होगी निगरानी
मीरजापुर । दुनिया की नजरों में पहली बार सामने आया जोगिया दरी को अब महज जनपद का एक आकर्षक जलप्रपात ही नहीं बल्कि जल्द ही इसे प्रदेश भर में जाना जायेगा। जल प्रपात को देखने के लिए पर्यटन मंत्रालय से वॉच टावर की मांग की गई है और बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
जनपद के किसी भी जलप्रपात पर यह पहला वॉच टावर होगा जहां से कि जोगिया दरी की विहंगम छटा को आसानी से देखा जा सकेगा और आने वाले सैलानी भी यह दृश्य अपनी आंखों में समेट कर जाएंगे और बार-बार आने के लिए लालायित ही रहेंगे। तीन तरफ से जंगल की घनघोर वादियों से घिरा हुआ यह अलौकिक दृश्य जहां ढाई सौ फीट की ऊंचाई से दूधिया पानी चट्टानों की सतह से सरकते हुए नीचे गिरता है तो ऐसा प्रतीत होता है कि प्रकृति स्वयं ही दस्तक दे रही है।
वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार मिश्र ने इसकी रूपरेखा तैयार की और शासन से बजट की मांग भी कर डाली। विभाग द्वारा पहले तो पथरीले रास्तों को सही कराया और मार्ग में जाने वालों को परेशान करती झाड़ियाें को कटवा कर जंगली मार्ग को आमजन के लिए खोलते हुए बिल्कुल ही चुस्त-दुरुस्त करा दिया गया। अब कोई भी सैलानी मड़िहान तहसील से चार किलोमीटर दूर जाने के बाद दाहिनी तरफ से सीधे जोगिया दरी की ओर रुख कर सकता है। आवागमन में अब कोई भी कठिनाई नहीं होगी जो पहले बड़ी समस्या होती थी।
सैलानियों की दिखने लगी भरमार
वैश्विक महामारी कोरोना ने पूरे देश में दस्तक दी है लेकिन फिर भी लोग शनिवार और रविवार बंदी के दिन अपने आप को जोगिया दरी के सौंदर्य के अवलोकन से वंचित नहीं कर पा रहे हैं। बड़ी संख्या में पहुंचकर सैलानी पिकनिक मनाने में जुट जाते है। कभी शांत और वीरान दिखाई देने वाला जोगिया दरी आज सैलानियों की भीड़ से पटा रहता है।
क्या है वॉच टावर
वॉच टावर एक सीढ़ीनुमा ऊंचाइयों वाला वह स्थान है, जहां सीढ़ियों से चढ़कर 50 से 60 फीट की ऊंचाई पर पहुंचते ही छत के आकार जैसा बना रहता है। यहां से चारों तरफ का नजारा आसानी से देखा जा सकता है। इससे जंगली जानवर, जंगल की गतिविधियां और अवैध खनन का भी बड़ी आसानी से पता लगाया जा सकता है। इससे न सिर्फ वन विभाग को बल्कि सैलानियों को भी बड़ी सहूलियत मिलेगी। इसके निर्माण में तकरीबन 15 से बीस लाख रुपए का खर्च आएगा। वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार मिश्र ने बताया कि दरी के छटा में चार चांद लगाने के लिए बजट की मांग की गई है बजट मिलते ही सुंदरीकरण का कार्य शुरू हो जाएगा।





