मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:43 · नई दिल्ली संस्करण

माकपा पर तृणमूल का तीखा हमला, ‘नैतिक श्रेष्ठता’ और ‘विचारधारा’ पर उठाए सवाल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
माकपा पर तृणमूल का तीखा हमला, ‘नैतिक श्रेष्ठता’ और ‘विचारधारा’ पर उठाए सवाल

कोलकाता। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर एक तस्वीर साझा करते हुए कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) पर जोरदार हमला बोला। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि दशकों तक खुद को नैतिक श्रेष्ठता और ऊंची विचारधारा का प्रतीक बताने वाली माकपा की साख अब पूरी तरह ढह चुकी है।तृणमूल द्वारा साझा की गई तस्वीर में माकपा की पश्चिम बंगाल राज्य समिति की ओर से जारी एक दस्तावेज़ दिखाया गया है, जिसमें पार्टी के एक राज्य समिति सदस्य को तत्काल प्रभाव से निष्कासित किए जाने का उल्लेख है। तृणमूल ने इस दस्तावेज़ को सामने रखकर वामपंथी दल की कथित विचारधारा और आंतरिक विरोधाभासों पर सवाल खड़े किए हैं।अपने पोस्ट में तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि आज माकपा की तथाकथित “विचारधारा” केवल राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए किए जा रहे सामरिक गठबंधनों तक सिमट कर रह गई है। आरोप लगाया गया कि जिन राजनीतिक ताकतों का वे सार्वजनिक रूप से विरोध करते हैं, उन्हीं के साथ पर्दे के पीछे तालमेल बैठाया जा रहा है।तृणमूल ने यह भी आरोप लगाया कि माकपा नेता कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों का मज़ाक उड़ाते हैं, जबकि खुद टेलीविजन स्टूडियो में बैठकर समानता और सामाजिक न्याय की बातें करते हैं। पोस्ट में कटाक्ष करते हुए कहा गया कि जो लोग कभी बंगाल में नैतिक ऊंचाई का दावा करते थे, वे आज न केवल राजनीतिक रूप से अप्रासंगिक हो चुके हैं, बल्कि बुनियादी बंगाली वर्तनी तक सही ढंग से लिखने में असमर्थ दिखाई देते हैं।तृणमूल कांग्रेस ने अपने बयान में माकपा पर पाखंड, दोहरे मानदंड और बौद्धिक दिवालियापन का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस पार्टी को कभी शक्तिशाली माना जाता था, वह आज पाखंड, अप्रासंगिकता और अशिक्षित शोर-शराबे में खो गई है।इस तीखे हमले पर माकपा की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें