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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:38 · नई दिल्ली संस्करण

टीएमसी का अर्थ तुष्टिकरण, माफिया और क्राइम: संजय सरावगी

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
टीएमसी का अर्थ तुष्टिकरण, माफिया और क्राइम: संजय सरावगी

पटना। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर जोरदार निशाना साधते हुए कहा कि टीएमसी का सही अर्थ तुष्टिकरण, माफिया और क्राइम हो गया है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की धरती कभी लोकतांत्रिक चेतना और बौद्धिक परंपरा के लिए जानी जाती थी लेकिन आज भय, दबाव और राजनीतिक हिंसा की प्रयोगशाला बना दी गई है। भाजपा अध्यक्ष सरावगी ने हाल ही में पश्चिम बंगाल में एक बीएलओ अशोक दास की आत्महत्या मामले का जिक्र करते हुए सवालिया लहजे में कहा कि क्या अब चुनाव ड्यूटी निभाना भी पश्चिम बंगाल में जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है?

उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि जादवपुर विधानसभा क्षेत्र के बीएलओ दास एक ईमानदार सरकारी कर्मचारी थे, उन पर टीएमसी नेताओं द्वारा लगातार दबाव बनाया गया।

टीएमसी नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर उन्होंने चुनावी लिस्ट से किसी भी अवैध वोटर को हटाया, तो न सिर्फ उन्हें मार दिया जाएगा, बल्कि उनकी पत्नी और छोटे बच्चे को भी नुकसान पहुंचाया जाएगा। अंत में उस बीएलओ अशोक दास ने मानसिक दबाव और भय में आत्महत्या जैसा कदम उठाने को विवश हो गए।

उन्होंने कहा, "आज टीएमसी राज में वहां रोहिंग्या और बांग्लादेशी को छोड़कर कोई भी सुरक्षित नहीं है। पश्चिम बंगाल और देश की जनता भी सुरक्षित नहीं है।

" मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि वे खुद को लोकतंत्र की रक्षक कहती हैं तो फिर आज चुप क्यों हैं? क्या पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठियों को बचाने की राजनीति इतनी बड़ी हो गई है कि देश के नागरिकों, चुनाव अधिकारियों और उनके परिवारों की जान की कोई कीमत नहीं रह गई?

उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि अशोक दास की मौत के जिम्मेदार नेताओं पर कार्रवाई कब होगी? ममता बनर्जी के शासन में बंगाल अब 'शोनार बांग्ला' नहीं, बल्कि 'खूनी खेल का मैदान' बन चुका है। जहां एक ओर सरकारी कर्मचारी अपनी ड्यूटी निभाने के डर से जान दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सत्ता के संरक्षण में पल रहे गुंडे खुलेआम चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं को आग के हवाले कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "एसआईआर को लेकर टीएमसी हिंसा पर उतर आती है। यह 'तुष्टिकरण की राजनीति' का सबसे भयावह चेहरा है, जहां वोट बैंक को बचाने के लिए पूरे संवैधानिक ढांचे पर प्रहार किया जा रहा है।"

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कई उदाहरण देते हुए कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति के आगे टीएमसी के लिए देश की सुरक्षा भी कोई महत्व नहीं रखती है। उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल में आज न लोकतंत्र सुरक्षित है, न लोकतांत्रिक व्यवस्था और न ही वे लोग जो इस लोकतांत्रिक व्यवस्था को चलाते हैं। भाजपा इस दमनकारी शासन के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी।"

बिहार भाजपा ने अशोक दास मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच और चाकुलिया में हिंसा करने वाले टीएमसी गुंडों पर तत्काल कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।

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