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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:53 · नई दिल्ली संस्करण

ट्रंप के समय के प्रतिबंध एच-1बी वीजा हुए समाप्त, भारतीय आईटी पेशेवरों को राहत

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल कोविड-19 संकट और देशव्यापी लॉकडाउन के बीच एच-1बी सहित कई अस्थाई या गैर- प्रवासी वीजा श्रेणियों के आवेदकों के अमेरिका में प्रवेश को रोक दिया था।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने गुरुवार को विदेशी श्रमिकों के वीजा, खासतौर से एच-1बी वीजा, पर प्रतिबंधों की अवधि को समाप्त होने दिया। इसके साथ ही उनके पूर्ववर्ती राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कीओर से इस संबंध में जारी अधिसूचना खत्म हो गई। इससे हजारों भारतीय आईटी पेशेवरों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

ट्रंप ने पिछले साल कोविड-19 संकट और देशव्यापी लॉकडाउन के बीच एच-1बी सहित कई अस्थाई या गैर- प्रवासी वीजा श्रेणियों के आवेदकों के अमेरिका में प्रवेश को रोक दिया था। ट्रंप ने दलील दी थी कि आर्थिक गतिविधियों में सुधार के दौरान ये वीजा अमेरिकी श्रम बाजार के लिए एक जोखिम हैं।

उन्होंने बाद में इस अधिसूचना को 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया था, हालांकि, अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने एच-1बी वीजा पर प्रतिबंध जारी रखने के लिए नई घोषणा जारी नहीं की। उन्होंने ट्रंप की आव्रजन नीतियों को क्रूर बताते हुए एच-1बी वीजा पर से निलंबन हटाने का वादा किया था।

एच-1बी वीजा एक गैर-आप्रवासी वीजा है, जो अमेरिकी कंपनियों को कुछ व्यवसायों के लिए विदेशी श्रमिकों की नियुक्ति की अनुमति देता है, जहां सैद्धांतिक या तकनीकी विशेषज्ञता की जरूरत होती है। आईटी कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों से हर साल हजारों कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए इस वीजा पर निर्भर हैं।

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