मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:36 · नई दिल्ली संस्करण

बिहार-नेपाल सीमा से 1,600 किग्रा मानव बाल के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार, दक्षिण भारत से खेप लाकर चीन भेजने की थी तैयारी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बिहार-नेपाल सीमा से 1,600 किग्रा मानव बाल के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार, दक्षिण भारत से खेप लाकर चीन भेजने की थी तैयारी

पटना।डायरेक्टरेट ऑफ रेवन्यू इंटेलिजेंस (डीआईआई) ने बिहार के मधुबनी में पश्चिम बंगाल के दो तस्करों के साथ बिहार के एक आरोपित को तिरुपति बालाजी समेत दक्षिण भारत के कई मंदिरों से चोरी कर बिहार के रास्ते नेपाल ले जाए जा रहे मानव-बाल की 1,600 किलोग्राम एक बड़ी खेप पकड़ी है। यह बाल नेपाल के रास्ते चीन तक पहुंचाए जाने थे।डीआरआई की टीम इससे पूछताछ कर रही है।डीआरआई की यह कार्रवाई बिहार-नेपाल सीमा के मधुबनी में सामने आयी है। पकड़े गए तस्करों में दो पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रहने वाले हैं, जबकि एक बिहार के मधुबनी जिले के रहने वाला है। डीआरआई की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की है। पश्चिम बंगाल नंबर का एक ट्रक मधुबनी से गुजर रहा था, जहां बालों की खेप ले जाए जाने की सूचना थी।डीआरआई की मुजफ्फरपुर शाखा में पूछताछ में तस्करों ने बताया कि बरामद किया गया बाल दक्षिण भारत के कई तीर्थ स्थलों से चुराकर जुटाया गया था। तिरुपति बालाजी मंदिर में होने वाले मुंडन से सबसे ज्यादा बाल जुटाए गए थे। बाल की कीमत करीब 80 लाख रुपये आंकी गई है। चूंकि बाल नेपाल के रास्ते चीन जाने वाला था, इसलिए संलिप्त गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए जानकारी जुटाई जा रही है।डायरेक्टरेट ऑफ रेवन्यू इंटेलिजेंस के अधिकारी ने बताया कि भारत में बाल की सप्लाई प्रतिबंधित है। कुछ गिरोह तस्करी करते हुए इसे नेपाल के रास्ते चीन पहुंचाते हैं। इससे विग और अन्य सामग्री का निर्माण कराया जाता है। चीन में इन चीजों की बहुत ज्यादा मांग है और दुनियाभर के देशों में इसकी सप्लाई की जाती है। पूर्व में इस मामले में ईडी की कार्रवाई और बॉर्डर सील होने के कारण गिरोह के लोग पश्चिम बंगाल की जगह बिहार के रास्ते का उपयोग करने लगे हैं।उल्लेखनीय है कि भारत के बालों का निर्यात 6,000-8,000 करोड़ रुपये का है, जिसमें चीन का हिस्सा कुल निर्यात का 80 प्रतिशत है। उद्योग का अनुमान है कि हर साल भारत से चीन में लगभग 9,000 करोड़ रुपये के कच्चे मानव बालों की तस्करी की जाती है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में घरों और मंदिरों से बाल एकत्र किए जाते हैं। बालों का उपयोग विग, नकली दाढ़ी, भौंहें और एक्सटेंशन बनाने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग बेकिंग उद्योग के लिए प्रोटीन निकालने के लिए भी किया जाता है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें