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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:49 · नई दिल्ली संस्करण

मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में ये सेटेलाइट ऑफिस देंगे राज्य में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में ये सेटेलाइट ऑफिस देंगे राज्य में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार को राज्य को रफ्तार देने के लिए और निवेशकों को सहूलियत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब देश के पांच प्रमुख महानगरों मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में ‘इन्वेस्ट यूपी’ के सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन ऑफिस खोले जाएंगे।

इसका उद्देश्य देश के बड़े औद्योगिक केंद्रों से पूंजी निवेश को सीधे यूपी तक लाना और निवेशकों को राज्य की नीतियों एवं संभावनाओं से जोड़ना है। मुख्यमंत्री योगी पहले ही इन्वेस्ट यूपी के पुनर्गठन प्रस्ताव को हरी झंडी दे चुके हैं। इसी क्रम में इन सैटेलाइट ऑफिसों की स्थापना किए जाने का प्रस्ताव है, जो राज्य में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देंगे।

प्रत्येक ऑफिस में एक जनरल मैनेजर, एक असिस्टेंट जनरल मैनेजर, दो उद्यमी मित्र, दो एग्जीक्यूटिव और दो ऑफिस असिस्टेंट की टीम कार्य करेगी।

सभी पांचों कार्यालयों पर कुल 12 करोड़ रुपये से अधिक की वार्षिक धनराशि व्यय होने का अनुमान है।

सरकार की योजना के अनुसार, प्रत्येक शहर का सैटेलाइट ऑफिस अपनी भौगोलिक और औद्योगिक विशेषता के अनुरूप रणनीतिक क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा। मुंबई ऑफिस वित्तीय सेवाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक और ईएसजी फंड पर ध्यान देगा। बेंगलुरु ऑफिस जीसीसी, एयरोस्पेस, सेमीकंडक्टर, ईवी और डीपटेक सेक्टर पर फोकस करेगा। हैदराबाद ऑफिस फार्मा, डेटा सेंटर, हेल्थटेक और एंटरप्राइज सैस उद्योगों पर केंद्रित रहेगा।

चेन्नई ऑफिस ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और हार्डवेयर निर्माण उद्योगों में निवेश आकर्षित करेगा।

नई दिल्ली ऑफिस समर्पित इन्वेस्ट यूपी एवं एशिया-यूरोपीय संघ सुविधा कार्यालय के रूप में कार्य करेगा। सरकार का यह कदम निवेशकों से नजदीकी संवाद बढ़ाने और राज्य की ‘ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ की छवि को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि उत्तर प्रदेश अब केवल उपभोक्ता राज्य नहीं, बल्कि निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बन चुका है। सैटेलाइट ऑफिस इस दिशा में सेतु का काम करेंगे। इन सैटेलाइट ऑफिसों के माध्यम से उत्तर प्रदेश देश के शीर्ष औद्योगिक केंद्रों में अपनी स्थायी मौजूदगी दर्ज करेगा और वैश्विक निवेश मानचित्र पर एक नई पहचान बनाएगा।

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