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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:37 · नई दिल्ली संस्करण

कांग्रेस में आत्मसम्मान वाले व्यक्तियों के लिए कोई जगह नहीं है: सीएम हिमंत बिस्वा सरमा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
कांग्रेस में आत्मसम्मान वाले व्यक्तियों के लिए कोई जगह नहीं है: सीएम हिमंत बिस्वा सरमा

नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को पूर्व कांग्रेस नेता प्रद्युत बोरदोलोई का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में गर्मजोशी से स्वागत करते हुए कहा कि इस पुरानी पार्टी में अब 'आत्मसम्मान वाले व्यक्तियों' के लिए कोई जगह नहीं है।

राजधानी में बोरदोलोई के औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सरमा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए उनके इस कदम को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम बताया और कहा कि यह कांग्रेस नेताओं के दल-बदल के व्यापक रुझान को दर्शाता है।

सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने विपक्षी दल पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं प्रद्युत बोरदोलोई का भाजपा में हार्दिक स्वागत करता हूं। आज कांग्रेस में आत्मसम्मान वाले लोगों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि आने वाले महीनों में और भी वरिष्ठ कांग्रेस नेता भाजपा में शामिल होंगे।

उन्होंने दावा किया कि अगले दो वर्षों के भीतर देबब्रता सैकिया और रिपुन बोरा जैसे नेता भी भाजपा में शामिल हो जाएंगे।

कांग्रेस के कई सक्षम नेता हमारे साथ आएंगे। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस नेताओं के भाजपा में शामिल होने की प्रक्रिया 2016 से चल रही है और इसमें तेजी आने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने बोरदोलोई के इरादे को स्पष्ट करते हुए इस बात पर जोर दिया कि पूर्व सांसद सत्ता या पद के लिए भाजपा में शामिल नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि वे यहां नेता या मंत्री बनने नहीं आए हैं। अगर वे चुनाव लड़ना चाहते हैं तो हम हर संभव तरीके से उनका समर्थन करेंगे।

मुख्यमंत्री सरमा ने बोरदोलोई के इस कदम को त्याग बताते हुए कहा कि उन्होंने कुछ पाने के लिए नहीं, बल्कि बहुत कुछ त्यागने के लिए कदम उठाया है। उन्होंने भाजपा में शामिल होने के लिए सांसद के रूप में एक सम्मानित पद छोड़ दिया है।

बता दें कि बोरदोलोई का यह कदम असम में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। प्रद्युत बोरदोलोई ने दावा किया कि वे 'काफी आहत' थे और उनके पास कांग्रेस से इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। उन्होंने पार्टी की असम इकाई में बार-बार अपमान सहा है।

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