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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:20 · नई दिल्ली संस्करण

मंत्री हफीजूल हसन और पहलगाम आतंकवादी की सोच में अंतर नहीं: बाबूलाल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

रांची। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार के विवादित बोल वाले मंत्री हफीजूल हसन पर बड़ा निशाना साधा है। मरांडी ने शनिवार को कहा कि मंत्री ने विगत दिनों ये कहा था कि वे संविधान से ऊपर शरिया कानून को मानते हैं। सरिया उनके दिल में बसता है।उन्होंने कहा कि मंत्री जी यहीं नहीं रुके बल्कि चार कदम आगे बढ़कर यह भी कहा था कि मुसलमान सब्र में है कब्र में नहीं। सड़क पर उतरेगा तो मार काट होगा।उन्होंने कहा कि यही भाषा तो पिछले दिनों पहलगाम में आतंकवादियों ने कही। परिवार के साथ खुशियां मनाते पर्यटकों से हिन्दू मुसलमान को अलग-अलग खड़ा किया, उनके धर्म पूछे, उनके कपड़े उतरवाए, कलमा पढ़ने को कहा और फिर जो हिंदू थे उन्हें उनके परिवार के सामने गोलियों से भून डाला।उन्होंने कहा कि आतंकवादियों ने तो कोई संविधान की शपथ नहीं ली थी लेकिन यहां तो संविधान की शपथ लेकर मंत्री शरिया की बात कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि ऐसी बयानबाजी के बाद भी मुख्यमंत्री की चुप्पी समझ से परे है। स्पष्ट है कि कांग्रेस झामुमो सहित पूरा इंडी गठबंधन सत्ता केलिए तुष्टीकरण राजनीति में डूबा है। मरांडी ने हफीजूल हसन को मंत्रिमंडल से बाहर करने की मांग की।आतंकियों की बढ़ती सक्रियता ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए: बाबूलालदूसरी ओर मरांडी ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा है कि झारखंड एटीएस ने शनिवार को धनबाद से चार आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। पिछले कुछ वर्षों में राजधानी रांची, जमशेदपुर, लोहरदगा, हजारीबाग और धनबाद जैसे इलाकों में आतंकियों की बढ़ती सक्रियता ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।उन्होंने कहा कि पुलिस भले ही समय-समय पर आतंकियों को गिरफ्तार कर रही हो, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इन आतंकियों को पनाह कौन दे रहा है? इन्हें संसाधन कौन उपलब्ध करा रहा है?सिर्फ गिरफ्तारी से आतंकवाद की समस्या को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता। जब तक इनके पूरे नेटवर्क और मददगारों का पर्दाफाश नहीं होगा, तब तक राज्य पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो सकता।

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