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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:35 · नई दिल्ली संस्करण

जिद और जुनून से बदलती है दुनिया

राष्ट्रीय सागर डेस्क5 मिनट का पठन
जिद और जुनून से बदलती है दुनिया

बहुत बार कहा जाता है कि जिद, जज्बा और जुनून से दुनिया बदली जा सकती है। यह न तो मुहावरा है, न ही इसे लोकोक्ति कहा जा सकता है। मगर इन तीन शब्द का संकल्प जिसने भी लिया, समझो उसने आधी सफलता तो पहले ही प्राप्त कर ली। ...और आधी पर तो कार्यान्वयन के साथ जीत मिलनी तो तय है। ऐसा ही कुछ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में कहा जा सकता है। उनके फैसलों पर ऐसी ही दृढ़ इच्छाशक्ति झलकती है। वो अपने फैसलों पर चट्टान की तरह खड़े होते हैं।तारीख-15 अगस्त, 2021। स्थान-लाल किले की प्राचीर। इसी प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पीएम गति शक्ति योजना की घोषणा की। तब किसी ने भी नहीं सोचा होगा कि यह योजना भारत के लोगों के जीवन को आसान करने में सहायक होगी। इस योजना के तीन साल 13 अक्टूबर को पूरे हुए हैं। बड़ी सूचना है कि पीएम गतिशक्ति योजना के तहत 208 प्रोजेक्ट्स के मंजूरी की सिफारिश हुई है। इनपर 15.39 लाख करोड़ रुपये खर्च होने हैं।यह सड़क और रेलवे समेत अलग-अलग मंत्रालयों के प्रोजेक्ट्स हैं। इन सभी की सिफारिश नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप ने की है। इस ग्रुप ने पीएम गतिशक्ति योजना की घोषणा के बाद आकार लिया। इंडस्ट्रियल और इंटर्नल ट्रेड प्रोमोशन विभाग के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने कहा कि 208 प्रोजेक्ट्स को इस पहल के दायरे में शामिल करने के लिए प्रस्तावित किया गया है। वह कहते हैं कि पीएम गतिशक्ति योजना के तहत इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को शामिल करने के कई तरह के फायदे होते हैं। इन प्रोजेक्ट्स की समय सीमा से लेकर प्लानिंग खर्च में भी कटौती होती है। इस सिफारिश में सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट्स सड़क (101), रेलवे (73), शहरी विकास (12) और चार ऑयल और गैस मंत्रालय के हैं। यहां यह जानना बेहद अहम है कि केंद्र सरकार ने लॉजिस्टिक्स खर्च कम करने और इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने कि लिए इस पहल को अक्टूबर 2021 में लॉन्च किया। इस तीन साल की यात्रा में यह पहल मील का पत्थर साबित हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पीएम गतिशक्ति के तीन वर्ष पूर्ण होने पर 13 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम के अनुभूति केंद्र का दौरा किया। उन्होंने कहा कि पीएम गतिशक्ति ने भारत की अवसंरचना विकास यात्रा को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, ''आज, जब गतिशक्ति ने तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं तो मैं भारत मंडपम गया और अनुभूति केंद्र का दौरा किया, जहां मैंने इस पहल की परिवर्तनकारी शक्ति का अनुभव किया। पीएम गतिशक्ति ने भारत की बुनियादी ढांचे के विकास की यात्रा को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी का शानदार उपयोग किया जा रहा है कि परियोजनाएं समय पर पूरी हों और किसी भी संभावित चुनौती को कम किया जा सके।"इसमें कोई दोराय नहीं कि गति ही जीवन है। प्राचीन अवधारणा है-चरैवेति… चरैवेति। ऐतरेय ब्राह्मण उपनिषद में इसका उल्लेख है। यह जीवन का मूलमंत्र है। उपनिषद में यह मूलमंत्र देवताओं के राजा इंद्र ने अपने बेटे रोहित को दिया है। प्रधानमंत्री मोदी का आध्यात्मिक पक्ष बेहद सुदृढ़ है। बहुत हद तक संभव है कि इसी महामंत्र के अनुष्ठान से पीएम गति शक्ति का विचार उनके मन में आया हो। बहरहाल चाहे जो भी, यह योजना बेमिसाल है। इसके छह स्तंभ हैं- व्यापकता, प्राथमिकता निर्धारण, अनुकूलन, तालमेल, विश्लेषण और गतिशीलता। इसमें केंद्रीकृत पोर्टल के साथ विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की सभी मौजूदा और नियोजित पहल शामिल होती हैं। इससे असरदार क्रियान्वयन में मदद मिलती है। यह महत्वपूर्ण है कि विकसित बुनियादी ढांचे के जरिये ही दुनिया के अधिकांश देशों ने तरक्की की है। वह चाहे अमेरिका हो, जापान हो या फिर दक्षिण कोरिया और चीन। सभी ने मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की मदद से ही सिर्फ एक ही पीढ़ी के दौरान विकास की सर्वाधिक रफ्तार हासिल की। प्रधानमंत्री मोदी प्रणीत पीएम गति शक्ति योजना इनसे भी अधिक प्रभावशाली है।भारतीय रिजर्व बैंक और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी के अध्ययन के अनुसार, बुनियादी ढांचे के विकास के लिए खर्च किए गए हर एक रुपये से जीडीपी को ढाई से साढ़े तीन रुपये का फायदा पहुंचता है। मंदी के वक्त में यह बढ़ोतरी और ज्यादा असरदार होती है। अगर राष्ट्र में सड़कों, रेल लाइनों, हवाई अड्डों, बंदरगाहों, जल मार्गों का जाल बिछेगा तो सभी तरह के माल की ढुलाई की गति में तेजी आएगी। इससे लागत में कमी आएगी और महंगाई पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। शहरी और औद्योगिक केंद्रों के विकास में मदद मिलेगी तो लोगों की कमाई बढ़ेगी। केंद्र और राज्य सरकारों की कमाई में भी इजाफा होगा। सरकारों की कमाई बढ़ेगी, तो वे विकास और खुशहाली बढ़ाने के लिए ज्यादा काम करेंगी।प्रधानमंत्री मोदी ने 2021 के स्वतंत्रता दिवस भाषण में इस बात पर जोर दिया था कि नेशनल मास्टर प्लान गति शक्ति करोड़ों देशवासियों के सपनों को साकार करने में मदद करेगा। तीन साल की उपलब्धियों से कहा जा सकता है कि पीएम गति शक्ति ने विभागीय बंधन तोड़े। आज यह योजना आम लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने वाली प्रमुख दीर्घकालीन योजनाओं में से एक है। आज यह आवश्यक है कि इस योजना के सकारात्मक प्रभाव को आसान भाषा में आम लोगों तक पहुंचाया जाए।

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