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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:44 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली में कांवड़ शिविरों को विशेष सहायता देगी सरकार : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
दिल्ली में कांवड़ शिविरों को विशेष सहायता देगी सरकार : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आगामी कांवड़ यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए उच्च स्तरीय 'कांवड़ समिति' का पुनर्गठन किया है। दिल्ली सरकार के संस्कृति और कानून मंत्री कपिल मिश्रा को इस समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले पांच विधायकों को बतौर सदस्य इसमें शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा कि उच्च स्तरीय कांवड़ समिति का पुनर्गठन किया गया है। कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जबकि अजय माहवार, अनिल शर्मा, करनैल सिंह, संजय गोयल और उमंग बजाज को इस समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है।

मुख्यमंत्री का कहना है कि दिल्ली सरकार इस बार भी शिवभक्तों के लिए सम्मानजनक एवं बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करेगी। इसके लिए कांवड़ शिविरों को विशेष सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक पारंपरिक धार्मिक आयोजन मात्र नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अटूट सामाजिक समरसता और जनआस्था का एक विराट महोत्सव है।

उन्होंने कहा कि सावन माह में दिल्ली की सड़कों पर उमड़ने वाला शिवभक्तों का सैलाब देश की सांस्कृतिक एकता को प्रदर्शित करता है। दिल्ली सरकार के लिए कांवड़ व्यवस्थाएं अब सिर्फ कागजी प्रशासनिक कामकाज नहीं रह गई हैं, बल्कि यह पूरी व्यवस्था दिल्ली में सेवा, श्रद्धा और सम्मान का एक अनूठा प्रतीक बन चुकी है। सरकार का मुख्य ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली की सीमा में प्रवेश करने वाले हर एक शिवभक्त (कांवड़िए) को अतिथि के रूप में देवतुल्य सम्मान और श्रेष्ठ सुविधाएं मिलें।

मुख्यमंत्री की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि अध्यक्ष कपिल मिश्रा के नेतृत्व में यह नवगठित समिति जल्द ही दिल्ली के सभी डीएम, दिल्ली पुलिस, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेगी। समिति का मुख्य फोकस रूट मैनेजमेंट, वाटरप्रूफ टेंटों की गुणवत्ता, चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता, 24 घंटे निर्बाध बिजली-पानी की आपूर्ति और सुरक्षा चाक-चौबंद रखने पर होगा, ताकि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी यात्रा निर्विघ्न और अभूतपूर्व रूप से संपन्न हो सके।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली सरकार ने शिवभक्तों की सेवा के लिए पिछले वर्षों की तुलना में अभूतपूर्व और ऐतिहासिक व्यवस्थाएं की थीं।

वर्ष 2024 में जहां राजधानी में केवल 170 कांवड़ शिविरों को मंजूरी मिली थी, वहीं वर्ष 2025 में सरकार की ओर से दी गई आसान मंजूरियों के चलते रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई और पूरी दिल्ली में कुल 374 पंजीकृत कांवड़ शिविर लगाए गए।

उन्होंने बताया कि इन शिविरों को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार ने पुरानी टेंडर प्रथा को खत्म कर सीधे बैंक खातों में (डीबीटी के माध्यम से) 50,000 रुपये से लेकर अधिकतम 11 लाख रुपये तक की पारदर्शी आर्थिक सहायता प्रदान की, जिसका 50 प्रतिशत हिस्सा आयोजन से पहले ही एडवांस के रूप में जारी कर दिया गया था। इसके अतिरिक्त, समितियों पर वित्तीय बोझ कम करने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार द्वारा प्रत्येक पंजीकृत शिविर को 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली और अस्थाई मीटर के सिक्योरिटी डिपॉजिट में 75 प्रतिशत की छूट भी दी गई थी।

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