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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:39 · नई दिल्ली संस्करण

काफी रियल लगती है फिल्म 'जहांगीर नेशनल यूनिवर्सिटी' की कहानी

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

कई

विवादित डायलॉग से भरी फिल्म ‘जहांगीर नेशनल यूनिवर्सिटी’ इस हफ्ते रिलीज

हो रही है। फिल्म कई सारे एंगल से काफी रियल और रॉ लगती है और यही वजह है

कि इस फिल्म का दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

फिल्म

एक छोटे शहर के रहने वाले सौरभ शर्मा (सिद्धार्थ बोडके) की कहानी है, जो इस

विश्वविद्यालय का छात्र है। वहां वह वामपंथी छात्रों की राष्ट्र-विरोधी

गतिविधियों से बेचैन हो जाता है और वह उनके खिलाफ आवाज उठाता है। सौरभ को

अखिलेश पाठक उर्फ बाबा (कुंज आनंद) का सहयोग मिलता है, जो यूनिवर्सिटी में

वामपंथी वर्चस्व का विरोध करने में उसका मार्गदर्शन करते हैं। इस रास्ते पर

सौरभ को ऋचा शर्मा (उर्वशी रौतेला) एक सहायक रूप में मिलती है। वामपंथी

गिरोह को सौरभ ने कड़ी चुनौती दे दी, जिससे वो बेचैन हो गए क्योंकि सौरभ ने

यूनिवर्सिटी काे चुनाव जीतकर जेएनयू की राजनीति में प्रवेश किया। काउंसलर

के पद पर रहते हुए सौरभ वामपंथियों के राष्ट्र-विरोधी एजेंडे का विरोध करता

है और यूनिवर्सिटी के छात्रों के पक्ष में काम का समर्थन करता है, जिससे

उसे छात्रों के बीच लोकप्रियता हासिल होती है। बाबा के सपोर्ट से सौरभ उनके

सभी राष्ट्र-विरोधी प्रदर्शनों और संस्थान में हो रही सभी गलत गतिविधि का

विरोध करता रहता है। सौरभ विश्वविद्यालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद पर

हावी वामपंथी पार्टी के खिलाफ चुनाव जीत जाता है। जब जेएनयू छात्रसंघ के

अध्यक्ष आरुषि घोष के कार्यकाल में छात्रों की फीस बढ़ाने के फैसले की

घोषणा सरकार ने की, वामपंथी छात्रों ने इसका जबरदस्त विरोध किया गया। फीस

में बढ़ोतरी का समर्थन करने वाले छात्रों को बुरी तरह से पीटा गया, जिसमें

एबीवीपी के छात्र भी शामिल थे। बाद में, यूनिवर्सिटी में एक रात एबीवीपी के

छात्र एकजुट हुए और वामपंथ के खिलाफ कार्रवाई की।

फिल्म

में अभिनय की बात करें तो कृष्णा कुमार के रोल में अतुल पांडेय और सौरभ

शर्मा के चरित्र में सिद्धार्थ बोकडे ने बढ़िया काम किया है। बाबा के रोल

को कुंज आनंद ने बखूबी निभाया है। दरअसल, यह फिल्म ढेर सारे किरदारों से

भरी है और सभी एक्टर्स ने अपने हिस्से का काम शानदार ढंग से निभाया है।

गुरुजी के रूप में पीयूष मिश्रा बढ़िया काम किया है। रवि किशन और विजय राज

की जोड़ी ने हास्य का रंग भरा है। सायरा के रोल को शिवज्योति राजपूत, नायरा

के रोल को जेनिफर और युवेदिता मेनन की भूमिका रश्मि देसाई ने निभाई है।

सोनाली सहगल की मात्र झलकियां नजर आई हैं। फिल्म का निर्देशन विनय शर्मा ने

बेहतर किया है। सभी कलाकारों से उनका बेस्ट परफॉर्मेंस निकलवाने में वह

सफल रहे हैं। फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक और डायलॉग इसके हाइलाइट्स हैं।

स्टार कास्ट - उर्वशी रौतेला, सिद्धार्थ बोडके, रवि किशन, पीयूष मिश्रा, विजय राज, रश्मि देसाई

निर्देशक : विनय शर्मा

प्रोड्यूसर : प्रतिमा दत्ता

रेटिंग - 3.5 स्टार

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