सीएम की पहल का असर वर्षों से रस्सी में बंधी नन्हीं सरिता हुई आजाद रिनपास में शुरू होगा इलाज
बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने भी किया अश्वस्त करायेंगे ईलाज
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पहल से रांची जिले के चान्हो की 12 वर्षीय सरिता अब आजाद हो गई है। मानसिक रोगी सरिता का रांची के रिनपास में शनिवार से इलाज शुरू हो गया। लाचार मां-बाप अपनी नन्हीं बेटी को रस्सी से बांधकर रखने को मजबूर थे। जानकारी के अनुसार, सरिता एक आदिवासी परिवार की बच्ची है और गरीबी के कारण उसके माता-पिता उसका इलाज नहीं करा पा रहे हैं।इस मामले पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के उपायुक्त को फौरन सहायता सुनिश्चित कराने का आदेश दिया था। रांची के उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद सीडीपीओ को सरिता की स्थिति जानने के लिए भेजा गया था। मुख्यमंत्री को उपायुक्त ने अवगत कराया कि सरिता मानसिक रोग से ग्रस्त है। उसके माता-पिता ने बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करने के लिए अपनी सहमति दी है।मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि सरिता दो वर्ष की उम्र में बीमार पड़ी थी। नौ दिनों तक उसे होश नहीं आया, लेकिन जब होश आया तो सब कुछ भूल चुकी थी। इस स्थिति में कुछ अनहोनी न हो जाये, इसलिए उसके माता- पिता उसे पिछले सात साल से पैरों में रस्सी बांध घर पर रखते हैं, आर्थिक तंगी की वजह से परिजन बेहतर इलाज कराने में असमर्थ हैंण् इन बातों से अवगत होने के बाद मुख्यमंत्री ने बच्ची के बेहतर इलाज के लिए आदेश दिया है। बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने भी झारखंड की 12 साल की सरिता उरांव के इलाज के लिए आगे आए हैं। उन्होंने कहा कि इस बच्ची के बारे में पढ़ा। जितना बेहतर हो सके, मैं इस बच्ची का इलाज कराऊंगा। आप हमें बच्ची का मेडिकल हिस्ट्री भेजिए, रांची में जो भी सबसे अच्छा अस्पताल हो वहां हमारी टीम संपर्क करेगी और सरिता का बेहतर से बेहतर इलाज कराएगी। मैं यहां से वीडियो कॉल से डॉक्टर से पर्सनली बात करूंगा। इलाज में हुए खर्च के साथ उसकी सारी दवाओंं का खर्च भी हम ही उठाएंगे। हमारी टीम के विशाल लांबा को मैंने इस काम के लिए लगा दिया है।





