कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को लिखा पत्र, दिए ये निर्देश
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने शुक्रवार को तमिलनाडु गुजरात आंध्र प्रदेश राजस्थान कर्नाटक पंजाब जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर डेल्टा प्लस वैरिएंट के प्रसार को रोकने के उपायों को बढ़ाने का निर्देश दिया है।
नई दिल्ली : देश में कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट का खतरा बढ़ने लगा है। इसको लेकर केंद्र सरकार अलर्ट हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने शुक्रवार को तमिलनाडु, गुजरात, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर डेल्टा प्लस वैरिएंट (Delta Plus variant) के प्रसार को रोकने के उपायों को बढ़ाने का निर्देश दिया है। केंद्र सरकार ने राज्यों से कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग बढ़ाने के लिए कहा है।
केंद्र सरकार की मानें तो देश में अब तक जीनोम किए गए 45 हजार नमूनों में से कोरोना के डेल्टा प्लस स्वरूप के 48 मामले सामने आए। इनमें से सबसे ज्यादा 20 केस महाराष्ट्र से हैं। केंद्र सरकार का कहना है कि नए वैरिएंट के मामले बहुत कम हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक तमिलनाडु में डेल्टा प्लस के नौ मामले सामने आए हैं जबकि मध्य प्रदेश में सात, केरल में तीन, पंजाब और गुजरात में दो-दो, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, जम्मू और कर्नाटक में एक-एक मामले सामने आए हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक करीब 50 मामले हैं जो 12 जिलों में सामने आए हैं और यह पिछले तीन महीनों में हुआ है। इससे यह नहीं कहा जा सकता कि किसी भी जिले या राज्य में इसके मामलों में बढ़ोतरी की प्रकृति है। देश में कोविड-19 के 90 फीसद मामले बी.1.617.2 यानी डेल्टा वैरिएंट के हैं। 35 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 174 जिलों में कोविड वैरिएंट के मामले पाए गए हैं। इनमें से सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और गुजरात में मिले हैं।
केंद्र सरकार के आधिकारिक बयान के मुताबिक कोरोना के नए वैरिएंट के मामलों का अनुपात मई के 10.31 फीसद से बढ़कर जून में 51 फीसद हो गया है। सरकार का कहना है कि देश में लगाए जा रहे कोविड रोधी दोनों टीके कोविशील्ड एवं कोवैक्सीन कोरोना के अल्फा, बीटा, गामा एवं डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ प्रभावी हैं। देश में कोरोना की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है। मौजूदा वक्त में 75 जिलों में कोरोना संक्रमण की दर 10 फीसद से अधिक और 92 जिलों में 5-10 फीसद के बीच है।





