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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:17 · नई दिल्ली संस्करण

हत्या के मामले में फरार आराेपित 40 साल बाद गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
हत्या के मामले में फरार आराेपित 40 साल बाद गिरफ्तार

कानपुर। उत्तर प्रदेश में जनपद कानपुर की कमिश्नरेट पुलिस ने हत्या के मामले में पिछले 40 साल से फरार चल रहे आरोपित को गोण्डा जिले से गिरफ्तार किया है। आराेपित ने स्थानीय न्यायलय से सजा मिलने के बाद हाईकोर्ट में अपील की थी।काेर्ट ने उसे जमानत पर रिहा कर दिया था। इसके बाद वह शहर छोड़ कर फरार हो गया था। कई बार बुलाने के बाद भी जब वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ तो उसके खिलाफ कोर्ट ने एनबीडब्ल्यू वारंट जारी कर दिया था। आखिरकार पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिसके उसे गिरफ्तार कर लियाकोतवाली थाना क्षेत्र स्थित बंगाली मोहाल में रहने वाले प्रेम कुमार उर्फ पप्पू ने 22 दिसंबर 1982 को फीलखाना क्षेत्र अंतर्गत आपसी रंजीश के चलते बम मारकर एक युवक की हत्या कर दी थी। इस घटना में वह खुद भी घायल हो गया था। मामले में कोर्ट ने प्रेम कुमार समेत चार दोषियों को 20 साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद प्रेम कुमार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील करी थी। जिसके पश्चात चारों को जमानत पर रिहा कर दिया गया था। जमानत मिलते ही प्रेम कुमार फरार हो गया और जनपद छोड़कर गोण्डा में अपना नाम और पहचान बदलकर अपने पैतृक गांव में रहने लगा। बार-बार कोर्ट द्वारा भेजे जा रहे नोटिस के बावजूद भी वह हाजिर नहीं हुआ तो उसके खिलाफ एनबीडब्ल्यू वारंट जारी कर दिया। इतना समय बीच जाने के बाद पुलिस ने भी इस मामले को ठंडा बस्ते में डाल दिया था, लेकिन कोर्ट लगातार उसे संबंध भेजता रहा।मामला पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता के संज्ञान में आया तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए टीम का गठन किया और आसपास के लोगों से उसके बारे में जानकारी जुटाई तो पुलिस को उसके पैतृक गांव गोण्डा के बारे में जानकारी हुई। बिना टाइम गवाए पुलिस की एक टीम गोण्डा के लिए रवाना हुई लेकिन वहां पर भी पुलिस को निराशा हाथ लगी क्योंकि आरोपित प्रेम कुमार अपना नाम बदलकर वहां पर रह रहा था।आखिरकार कई दिनों तक चली छानबीन के बाद पुलिस की मेहनत रंग लाई और गोण्डा के गांव बिरतिहन पूर्व कोतवाली व तहसील करनैलगंज से उसे गिरफ्तार कर लिया। वर्तमान में आरोपित अपनी पैतृक भूमि पर किसानी करता था। उसकी गिरफ्तारी के बाद ग्रामीणों को भी विश्वास नहीं हो रहा है कि बीते 40 सालों से वह एक आम आदमी की तरह गांव में रह रहा था और किसी को भी उसे पर कोई शक नहीं हुआ।पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने शुक्रवार को बताया कि इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाली पुलिस टीम के कार्य की सरहना करते हुए 25 हजार रुपये का इनाम देने का ऐलान किया है।

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