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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:43 · नई दिल्ली संस्करण

तमिलनाडु CM थलापति विजय का बड़ा दांव,चुनाव में किया हुआ इस वादा को किया पूरा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
तमिलनाडु CM थलापति विजय का बड़ा दांव,चुनाव में किया हुआ इस वादा को किया पूरा

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय ने अपने 3 महीने के कार्यकाल में एक बड़ा फैसला लेकर चेन्नई के पास प्रस्तावित 20,000 करोड़ रुपये के परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को रद्द करने का फैसला किया है। यह निर्णय पर्यावरण संबंधी मुद्दों और जनता-किसानों के जबरदस्त विरोध प्रदर्शन के बाद हुआ है, जो मुख्यमंत्री के कामकाज के तरीके को दिखाता है। थलापति विजय ने विधानसभा चुनाव के दौरान प्रोजेक्ट को खत्म करने का वादा किया था, जो कि अब पूरा किया गया है। उन्होंने विधानसभा में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार औद्योगिक विकास का समर्थन करती है, लेकिन परंदूर में एयरपोर्ट बनाना लोगों और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाएगा, इसलिए प्रक्रिया को रोका जाएगा।

इस परियोजना को रद्द करने के पीछे कई ठोस कारण थे। सबसे प्रमुख कारण कृषि भूमि और स्थानीय लोगों की आजीविका का नुकसान था। परंदूर साइट के लिए करीब 12 गांवों की घनी आबादी वाली और कृषि योग्य ज़मीन का अधिग्रहण ज़रूरी था, जिससे हजारों किसान परिवार प्रभावित होते। ये किसान धान की खेती पर निर्भर हैं और एक साल से भी ज़्यादा समय से परियोजना के खिलाफ़ विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने किसानों को देश की रीढ़ बताकर उनके प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।

पर्यावरणीय अध्ययनों और विशेषज्ञों की सलाह थी कि परंदूर की ज़मीन रनवे बनाने के लिए अनुपयुक्त थी, क्योंकि इसमें बहुत सारे वेटलैंड और महत्वपूर्ण जल स्रोत शामिल थे। एयरपोर्ट बनने से लगभग 33 जल स्रोत, जिसमें 350 एकड़ का नेल वाई नामक एक बड़ा जल स्रोत भी शामिल था, नष्ट हो जाते। कुल 4,791 एकड़ में से आधे से ज़्यादा (2,605 एकड़) हिस्से में ज़रूरी वेटलैंड्स थे। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी थी कि पानी की निकासी के इन प्राकृतिक रास्तों को कवर करने से चेन्नई में शहरी बाढ़ की समस्या और गंभीर हो सकती है।

यह निर्णय मुख्यमंत्री विजय के राजनीतिक वादे और उनकी नई लीडरशिप का प्रतीक है। हालांकि, विपक्षी पार्टी डीएमके जिसकी सरकार में यह परियोजना मूल रूप से प्रस्तावित की गई थी, ने चेतावनी दी है कि इस फैसले से राज्य को आर्थिक नुकसान हो सकता है और बड़ी इंडस्ट्री पड़ोसी राज्यों की ओर जा सकती हैं। चेन्नई की बढ़ती यात्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए, विजय सरकार अब दोहरी रणनीति अपना रही है, पहला, मीनमबक्कम में मौजूदा चेन्नई एयरपोर्ट की क्षमता का विस्तार करना, इस टर्मिनल 3 और 5 के पूरा होने के बाद सालाना 5.5 करोड़ यात्रियों तक बढ़ाया जाएगा। दूसरा, एक वैकल्पिक जगह की तलाश करना, जहां इंसानी बस्तियों और खेती की ज़मीन पर कम से कम असर पड़े और जनता का कोई विरोध न हो। राज्य सरकार पूरी तकनीकी और पर्यावरणीय व्यवहार्यता स्टडी के बाद एक नई जगह तय करेगी।

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