मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:49 · नई दिल्ली संस्करण

तमिलनाडु की राजनीति में हलचल: सी. जोसेफ विजय के खिलाफ 'महागठबंधन' की आहट, एडापड्डी पलनीस्वामी का बड़ा बयान

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
तमिलनाडु की राजनीति में हलचल: सी. जोसेफ विजय के खिलाफ 'महागठबंधन' की आहट, एडापड्डी पलनीस्वामी का बड़ा बयान

चेन्नई में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के विरोधी दल उनकी तमिलागा वेत्री कझगम (टीवीके) सरकार के खिलाफ एकजुट होने की तैयारी कर रहे हैं। अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (एआईएडीएमके) ने प्रमुख विपक्षी दल एमके स्टालिन की डीएमके को साथ आने का सीधा चैलेंज दिया है। एआईएडीएमके ने यह भी कहा है कि टीवीके के खिलाफ अन्य नई पार्टियां भी उनके साथ आ सकती हैं। हालांकि, इस चुनौती पर डीएमके की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

पूर्व मुख्यमंत्री एडापड्डी के. पलनीस्वामी से जब टीवीके के खिलाफ गठबंधन की संभावना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, हाँ, हम भी टीवीके के खिलाफ हैं। अगर कोई दूसरी पार्टी इसमें शामिल होना चाहती है, तो हम उनका स्वागत करेंगे। हमारा गठबंधन जैसा है, वैसा रहेगा, और अगर दूसरी पार्टियां आना चाहती हैं, तो वे शामिल हो सकती हैं। इस दौरान उन्होंने डीएमके को चुनौती देते हुए कहा, अगर नई पार्टियां हमारे साथ आना चाहती हैं, तो आ सकती हैं। क्या डीएमके… क्या डीएमके आएगी? क्या आप यह सवाल पूछ सकते हैं? यह राजनीतिक सरगर्मी तब तेज हुई है, जब तमिलनाडु विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद एआईएडीएमके के छह विधायक टूटकर विजय की टीवीके में शामिल हो गए थे, और बचे हुए विधायक भी दो गुटों में बंट गए थे।

हालांकि, डीएमके नेता आरएस भारती जून में दोनों दलों के साथ आने से इनकार कर चुके थे, लेकिन उन्होंने कहा था कि अगर डीएमके और एआईएडीएमके भविष्य में साथ आते हैं, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं होगा। वहीं, अगस्त में स्टालिन ने कहा था कि उनकी पार्टी राजनीतिक वापसी करने में सक्षम है और वह पूरे राज्य में मतदाताओं का समर्थन फिर से हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने विजय पर निशाना साधते हुए कहा था, वह (विजय) विधानसभा को फिल्म का सेट समझते हैं और डायलॉग बोलते हैं। इस बीच, टीवीके बुधवार को चेन्नई में सहयोगी दलों के साथ अपनी दूसरी समन्वय बैठक करेगी। हालांकि, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया है।

कांग्रेस, वीसीके, आईयूएमएल और एमडीएमके के बैठक में शामिल होने की संभावना है। इस बैठक का उद्देश्य गठबंधन को औपचारिक रूप देना, साझा न्यूनतम कार्यक्रम तैयार करना, संचालन समिति गठित करना और गठबंधन का आधिकारिक नाम तय करना है। हालांकि, 2029 के लोकसभा चुनाव में विजय को प्रधानमंत्री पद का संभावित चेहरा बनाए जाने की टीवीके नेताओं की मांग को लेकर कांग्रेस के साथ भी मतभेद सामने आए हैं, क्योंकि कांग्रेस राहुल गांधी को विपक्षी गठबंधन का प्रमुख चेहरा मानती है। टीवीके ने विजय फॉर पीएम की मांग को व्यक्तिगत राय करार दिया है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें