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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:06 · नई दिल्ली संस्करण

श्योपुर बाढ़ राहत घोटाले में तहसीलदार गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
श्योपुर बाढ़ राहत घोटाले में तहसीलदार गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल

श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में वर्ष 2021 के बहुचर्चित बाढ़ राहत घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए विजयपुर तहसील में पदस्थ तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट की ओर से उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। बड़ौदा एसडीओपी अविनीत शर्मा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने गुरुवार को ग्वालियर स्थित उनके निवास पर दबिश देकर उन्हें हिरासत में लिया और श्योपुर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

यह पूरा मामला वर्ष 2021 में श्योपुर जिले में आई भीषण बाढ़ के बाद राहत वितरण में हुई अनियमितताओं से जुड़ा है। बाढ़ के बाद बड़ौदा तहसील में 794 प्रभावित हितग्राहियों के नुकसान का आंकलन किया गया था, लेकिन जांच में सामने आया कि 127 फर्जी खातों में करीब 2.57 करोड़ रुपए की राशि ट्रांसफर कर गबन किया गया।

ऑडिट के दौरान इस घोटाले का खुलासा हुआ, जिसके बाद डिप्टी कलेक्टर स्तर पर जांच शुरू की गई। जांच में कई अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई, जिनमें तहसीलदार अमिता सिंह तोमर भी शामिल थीं। इसके बाद तत्कालीन एसडीओपी प्रवीण कुमार अष्ठाना ने विस्तृत जांच करते हुए 25 पटवारियों सहित कुल 110 लोगों को आरोपी बनाया था।

जांच के दौरान कुछ आरोपियों द्वारा गबन की गई राशि का आंशिक भुगतान भी किया गया।

पुलिस विवेचना में यह भी सामने आया कि घोटाले में कुछ भुगतान आरोपियों के परिजनों के खातों में भी किए गए थे। बड़ौदा थाना पुलिस ने अमिता सिंह तोमर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए राहत राशि वितरण प्रक्रिया में धांधली की।

हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अमिता सिंह तोमर ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट नंबर 13 में हुई सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों ने मामले को गंभीर मानते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में राहत देने का कोई ठोस आधार नहीं है और सभी लंबित आवेदनों को निरस्त कर दिया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

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