मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:47 · नई दिल्ली संस्करण

तारातला गोदाम हादसा: पूर्व मेयर फिरहाद हकीम ने दी थी निर्माण की मंजूरी, सीएम सुवेंदु बोले-बख्शा नहीं जाएगा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
तारातला गोदाम हादसा: पूर्व मेयर फिरहाद हकीम ने दी थी निर्माण की मंजूरी, सीएम सुवेंदु बोले-बख्शा नहीं जाएगा

कोलकाता। कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके तारातला में बुधवार को बन रहे जिस गोदाम के ढहने की घटना हुई, उसके निर्माण की मंजूरी कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के पूर्व मेयर और पश्चिम बंगाल के पूर्व नगर मामलों और शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने दी थी।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार दोपहर पश्चिम बंगाल विधानसभा को बताया कि इस हादसे में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हुए हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार, गोदाम बनाने की योजना को 17 जनवरी को मंजूरी दी गई थी। इस पर हकीम और योजना की जांच करने वाले संबंधित केएमसी इंजीनियरों के हस्ताक्षर थे।

मुख्यमंत्री ने सदन को बताया, “पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने बड़े पैमाने पर रिश्वतखोरी और जबरन वसूली के जरिए ‘सिटी ऑफ जॉय’ को ‘सिटी ऑफ डेथ’ में बदल दिया। यह आपके पापों का नतीजा है। आपने अतीत में इमारतें गिरने से हुए कई हादसों से कोई सबक नहीं सीखा। मंजूर किए गए प्लान पर पूर्व मेयर के हस्ताक्षर हैं।

किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।”

उन्होंने सदन को यह भी बताया कि मंजूर किए गए प्लान पर तृणमूल कांग्रेस के चार बार विधायक रहे हकीम के अलावा एग्जीक्यूटिव इंजीनियर रंजन दास असिस्टेंट इंजीनियर निर्मलेंदु सरकार और सब असिस्टेंट इंजीनियर अमीनुर शेख के भी हस्ताक्षर थे।

उन्होंने केएमसी के उस बोर्ड पर भी आरोप लगाया, जो पहले तृणमूल कांग्रेस के नियंत्रण में था कि उसने आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए आधुनिक और अत्याधुनिक उपकरण नहीं खरीदे।

मुख्यमंत्री ने कहा, “उन्होंने आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कोई आधुनिक उपकरण नहीं खरीदे।

वे पहले ही काफी नुकसान कर चुके थे। इन कमियों के कारण हमें भारतीय सेना की मदद लेनी पड़ी। बिहार रेजिमेंट के जवान उचित उपकरणों के साथ आए और बचाव कार्य शुरू किया।”

उन्होंने विधानसभा में यह भी दावा किया कि केएमसी इलाके में कई बिल्डिंग प्लान को मंजूरी देने में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। मुख्यमंत्री के अनुसार, ऐसी ज्यादातर गड़बड़ियों के पीछे 'काली' नाम का एक व्यक्ति था।

मुख्यमंत्री ने कहा, "काली की गिरफ्तारी के बाद सारी जानकारी सामने आ जाएगी। काली केएमसी के मंजूरी वाले प्लान को प्रभावित करता था। ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाइपास पर तृणमूल भवन का निर्माण उसी ने करवाया था। एफआईआर दर्ज कर ली गई है। हम कार्रवाई करेंगे और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।"

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें