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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:36 · नई दिल्ली संस्करण

तारातला हादसा : मलबे से दो और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या 7 हुई, बचाव अभियान जारी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
तारातला हादसा : मलबे से दो और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या 7 हुई, बचाव अभियान जारी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के तारातला इलाके में हुए भीषण हादसे के 20 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। गुरुवार सुबह मलबे के नीचे से दो और शव बरामद किए गए, जिसके बाद इस दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। इससे पहले बुधवार रात तक मृतकों की संख्या 5 थी।

इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोदाम के मालिक शंभूनाथ बहरा को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही अब तक इस हादसे से जुड़े मामले में कुल तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

घटनास्थल पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

एनडीआरएफ की दूसरी बटालियन के कमांडेंट मनीष रंजन ने आईएएनएस से बताया कि अब तक 16 लोगों को सुरक्षित जीवित बाहर निकाला जा चुका है। वहीं, ढही हुई संरचना से पांच अचेत अवस्था में लोगों को भी बाहर निकाला गया है।

उन्होंने बताया कि अभी भी तीन से चार लोग मलबे में फंसे हुए हैं। बचाव दल ने उनमें से एक व्यक्ति तक पहुंचने का रास्ता बना लिया है और उम्मीद है कि अगले आधे घंटे के भीतर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। हालांकि फंसे हुए लोगों की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि उनके आसपास नालियां, अस्थिर मलबा और भारी संरचनात्मक अवरोध मौजूद हैं।

ऐसे में टीम बेहद सावधानी के साथ अभियान चला रही है ताकि किसी प्रकार का अतिरिक्त नुकसान न हो।

मनीष रंजन ने कहा कि बचाव अभियान काफी कठिन है, क्योंकि ढही हुई संरचना में कंक्रीट की कई परतें, लोहे की सरिए, गर्डर और टिन की चादरें शामिल हैं। इससे मलबे के अंदर पहुंचना बेहद मुश्किल हो रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि एनडीआरएफ की टीमें विशेष सर्च उपकरणों और लाइफ डिटेक्शन डिवाइस की मदद से पूरे क्षेत्र की लगातार स्कैनिंग कर रही हैं।

कमांडेंट ने बताया कि इस अभियान में वॉटर-प्रेशर रेस्क्यू तकनीक का इस्तेमाल संभव नहीं है। फिलहाल स्थिरीकरण, कटिंग ऑपरेशन और आधुनिक लाइफ डिटेक्शन उपकरणों की मदद से बचाव कार्य जारी है। जहां संभव हो रहा है, वहां फंसे हुए लोगों को ऑक्सीजन और अन्य जरूरी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।

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