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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:43 · नई दिल्ली संस्करण

9/11 हमले के 25 साल बाद बड़ा खुलासा: बेनकाब हुआ अल-कायदा और सऊदी कनेक्शन

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
9/11 हमले के 25 साल बाद बड़ा खुलासा: बेनकाब हुआ अल-कायदा और सऊदी कनेक्शन

अमेरिका पर 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकवादी हमले के 25 साल बाद अब एक रिपोर्ट में इसे लेकर बड़े खुलासे हुए हैं। हमले से जुड़े संदिग्ध उमर अल-बायौमी के सऊदी सरकार के अधिकारियों और अल-कायदा के आतंकी अनवर अल-अवलाकी के साथ संबंधों की पुष्टि करने वाले नए वीडियो सामने आए हैं। ये सनसनीखेज खुलासे एक जांच रिपोर्ट में हुए हैं। ये वीडियो और अन्य दस्तावेज अमेरिका में 9/11 पीड़ित परिवारों की ओर से सऊदी अरब के खिलाफ दायर करीब 1 ट्रिलियन डॉलर के मुकदमे के दौरान सार्वजनिक हुए।

पीड़ित परिवारों का आरोप है कि बायौमी ने पेंटागन पर हमला करने वाले दो किडनैपर्स की मदद की थी। हालांकि, सऊदी अरब और बायौमी दोनों ने इन आरोपों से लगातार इनकार किया है। सऊदी अरब से 1994 में सैन डिएगो पहुंचे बायौमी ने दावा किया था कि वह यहां अंग्रेजी पढ़ने आया था, लेकिन वह यहां कई तरह की संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हो गया था। 1997 या 1998 की फुटेज में बायौमी को अल-कायदा के नेता अनवर अल-अवलाकी और सऊदी इस्लामिक मामलों के मंत्रालय के एक अधिकारी के साथ पेंटबॉल खेलते देखा जा सकता है। फुटेज में कुछ लोग सैन्य वर्दी जैसे कपड़े पहने दिख रहे हैं और अल्लाहू अकबर के नारे भी लगा रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया है कि इन सत्रों का इस्तेमाल जिहादी ट्रेनिंग के लिए किया जाता था। इस बीच, 1998 के एक अन्य वीडियो में बायौमी और अवलाकी को गले मिलते हुए भी देखा जा सकता है। इस वीडियो ने बायौमी के उस दावे को झूठा साबित कर दिया है, जिसमें उसने पहले अवलाकी से मिलने से जुड़े आरोपों को खारिज कर दिया था। यह सीधा सबूत बायौमी के अल-कायदा से गहरे संबंध की ओर इशारा करता है। गौरतलब है कि 9/11 हमले के दो किडनैपर्स नवाफ अल-हजमी और खालिद अल-मिहधार के घर से मिले दस्तावेजों में नाम आने के बाद बायौमी एफबीआई का संदिग्ध बना था। 21 सितंबर 2001 को ब्रिटिश पुलिस ने बायौमी को बर्मिंघम से गिरफ्तार किया। उसके पास से 80 से ज्यादा वीडियो टेप और दस्तावेज मिले।

इन दस्तावेजों में एक हाथ से बना विमान का चित्र और लक्ष्य से उसकी दूरी और ऊंचाई का हिसाब लिखा एक पन्ना भी शामिल था। पीड़ितों के वकीलों और अमेरिकी जज ने माना कि यह दस्तावेज दिखाता है कि बायौमी को 9/11 हमलों की पहले से जानकारी थी, जिससे उसकी भूमिका और भी संदिग्ध हो जाती है। सवाल यह उठता है कि इतने ठोस सबूतों के बावजूद जांच क्यों अटकी? जांच एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल की कमी के कारण मामला आगे नहीं बढ़ सका। ब्रिटेन में बरामद यह नक्शा और वीडियो लंदन में पूछताछ कर रहे अधिकारियों और सैन डिएगो में मौजूद मुख्य एफबीआई टीम के साथ समय पर साझा ही नहीं किया गया।

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