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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:39 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली बार काउंसिल का चुनाव लड़ने वाले दिव्यांग उम्मीदवारों को 'सुप्रीम' राहत, नामांकन फीस में भारी कटौती

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
दिल्ली बार काउंसिल का चुनाव लड़ने वाले दिव्यांग उम्मीदवारों को 'सुप्रीम' राहत, नामांकन फीस में भारी कटौती

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली बार काउंसिल (डीबीसी) चुनाव में शारीरिक रूप से विकलांग वकीलों को बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने सोमवार को दिल्ली बार काउंसिल के चुनाव लड़ने के लिए शारीरिक रूप से विकलांग उम्मीदवारों की नामांकन फीस को 1.25 लाख रुपए से घटाकर 15 हजार रुपए कर दिया है।

कोर्ट के फैसले को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह मामला वकील पंकज सिन्हा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। पंकज सिन्हा स्वयं दृष्टिहीन हैं और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दो प्रमुख मांगें रखी थीं। पहली मांग यह थी कि दिल्ली बार काउंसिल के चुनाव लड़ने के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की फीस ज्यादा है, जिसे शारीरिक रूप से विकलांग उम्मीदवारों के लिए कम किया जाना चाहिए। वहीं, दूसरी मांग में उन्होंने दिल्ली बार काउंसिल में शारीरिक रूप से विकलांग वकीलों के लिए आरक्षण की व्यवस्था लागू करने की अपील की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को याचिकाकर्ता की पहली मांग को स्वीकार कर लिया और नामांकन शुल्क को घटाकर 15 हजार रुपए करने का फैसला लिया।

हालांकि, याचिकाकर्ता की दूसरी मांग, यानी दिल्ली बार काउंसिल में शारीरिक रूप से विकलांग वकीलों को आरक्षण देने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। इस विषय पर आगे विस्तृत बहस की जाएगी और सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत कोई फैसला लेगी।

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