मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:22 · नई दिल्ली संस्करण

श्री काशी विश्वनाथ धाम में स्टील के बैरिकेडिंग में अचानक उतरा करंट, हड़कम्प

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

वाराणसी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में दर्शन पूजन के लिए आए

पांच श्रद्धालुओं को धाम के दक्षिणी द्वार के समीप अचानक करंट लग गया। इससे

वहां कुछ देर के लिए अफरा—तफरी मच गई। करंट की चपेट में आई दो लड़कियों की

हालत देखकर उन्हें सुरक्षा कर्मियों ने आनन—फानन में मंडलीय अस्पताल कबीर

चौरा पहुंचाया । शनिवार देर शाम घटना की जानकारी पाते ही मंदिर के मुख्य

कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा भी अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल में

प्राथमिक इलाज के बाद किशोरियों ने मंदिर के सीईओ से बातचीत की। सीईओं ने

उन्हें मंदिर में दुबारा दर्शन के लिए आमंत्रित किया। अन्य श्रद्धालुओं को

भी करंट का हल्का झटका लगा था। इस लिए प्राथमिक इलाज के बाद वे अस्पताल से

चले गए।

बताया गया कि धाम के दक्षिणी द्वार के समीप गर्मी

के कारण मंदिर के सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मी कूलर चलाकर बैठे हुए थे।

कूलर के तार के ऊपर किसी ने लोहे की बेंच रख दी थी। इससे कूलर का तार कट

गया। इसके चलते बेंच से करंट स्टील की बैरिकेडिंग में प्रवाहित होने लगा।

द्वार से गुजरने के दौरान पांच श्रद्धालु जैसे ही बैरिकेडिंग में पहुंचे

करंट की चपेट में आ गए। इसमें गुजरात के अहमदाबाद से आई राजल भूपति (16) और

संजना (17) करंट का झटका लगते ही अचेत हो गई।

मंदिर न्यास की ओर

से बताया गया कि दोनों लड़किया को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां प्राथमिक

इलाज के बाद दोनों लड़किया स्वस्थ हैं। परन्तु डर और नर्वस की स्थिति से

उबरने के लिए उन्हें कुछ देर तक अस्पताल में योग्य चिकित्सकों की देखरेख

में रखा गया। उनके परिजन भी साथ हैं।

मुख्य कार्यपालक अधिकारी

विश्व भूषण मिश्रा के अनुसार भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न होने पाए,

यह हर हाल में सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अस्पताल में

लड़कियों के इलाज के समय वे खुद मौजूद रहे। लड़कियों की स्थिति सामान्य हुई

तो वे मुस्कराते हुए अस्पताल से रवाना हुईं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें