मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:40 · नई दिल्ली संस्करण

आदिवासी क्षेत्र की उर्मिला बैगा की सफलता कहानी, ऑटो खरीदकर बदली जिंदगी

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
आदिवासी क्षेत्र की उर्मिला बैगा की सफलता कहानी, ऑटो खरीदकर बदली जिंदगी

उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले की रहने वाली उर्मिला बैगा ने समूह से जुड़ने के बाद महिला सशक्तिकरण की एक अनूठी मिसाल पेश की है। घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ वे सड़कों पर ऑटो दौड़ा रही हैं और यह साबित कर दिया कि अगर जज्बा और हौसला हो तो महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं।

मध्य प्रदेश का उमरिया जिला एक प्रमुख आदिवासी क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। आज भी कई गांवों में पारंपरिक जीवनशैली और सीमित संसाधनों के बीच लोग जीवन यापन करते हैं। ऐसे ही पाली विकासखंड के गिंजरी गांव की स्थिति है। हालांकि, यहां की रहने वाली उर्मिला बैगा ने अपने साहस और आत्मविश्वास के दम पर नई पहचान बनाई है।

उर्मिला बैगा ने केवल 7वीं कक्षा तक ही शिक्षा प्राप्त की है।

सीमित शिक्षा और संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने जीवन में आगे बढ़ने का हौसला नहीं छोड़ा। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए उर्मिला ने पहले एक आयुर्वेदिक कंपनी में काम किया, जहां उन्हें कुछ अनुभव मिला।

उन्होंने बड़े शहरों में महिलाओं को आत्मनिर्भर और विभिन्न कार्यों में सक्रिय देखा, जहां कई महिलाएं ऑटो चलाकर अपना जीवन यापन कर रही थीं। यह अनुभव उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

उर्मिला ने समूह से लोन लेकर ऑटो खरीदने का साहसिक निर्णय लिया। आज उर्मिला पाली से उमरिया और पाली से नौरोजबाद के बीच ऑटो चलाकर रोजाना लगभग 700-800 रुपए तक की कमाई कर रही हैं। यह आय उनके परिवार के लिए एक मजबूत सहारा बनी हुई है। वे न केवल अपने घर का खर्च उठा रही हैं।

उन्होंने अपने परिवार को संभालने के साथ-साथ अपनी बेटी की शिक्षा को भी प्राथमिकता दी। उर्मिला का सपना है कि उनकी बेटी आईएएस अधिकारी बने। फिलहाल उर्मिला की बेटी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही है, जिसका पूरा खर्च उर्मिला खुद वहन कर रही हैं।

आईएएनएस से बात करते हुए उर्मिला बैगा ने बताया कि पति की ओर से सराहा नहीं मिल रहा था। ऐसे में खुद कमाने का रास्ता चुना।

पहले एक कंपनी में काम किया और उसके बाद एक ऑटो खरीदा। उससे रोजाना की कमाई हो रही है और परिवार की आर्थिक स्थिति बदली है। उर्मिला ने यह भी बताया कि वे सिर्फ दिन के समय ऑटो चलाती हैं।

क्षेत्र की अन्य महिलाओं को संदेश देते हुए उर्मिला ने कहा, "एक किसी भी महिला का अपना कोई सपना है तो वह अपने सपने को पूरा करें और परिवार को संभालें।"

उमरिया की यातायात प्रभारी ज्योति शुक्ला ने उर्मिला की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा, "अब समाज में स्थितियां बदल रही हैं।

आज उर्मिला ऑटो चला रही है और अपने ससुराल या परिजनों पर निर्भर न रहकर स्वयं अपने पैरों पर खड़े होने का निर्णय लिया। यह एक अच्छी पहल है और महिलाओं के लिए भी एक सीख है कि आप कमजोर नहीं हैं।"

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें