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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:29 · नई दिल्ली संस्करण

गरीबी से जूझती अनीता सोरेन ने भाला फेंक में जीता स्वर्ण

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
गरीबी से जूझती अनीता सोरेन ने भाला फेंक में जीता स्वर्ण

पूर्णिया पूर्णिया के रंगपुरा के एक स्कूल में पढ़ने वाली बच्ची ने अपने दम पर पूर्णिया में हो रहे खेल प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता है। अररिया जिले के कालाबालुआ, रानीगंज की रहने वाली 17 वर्षीय अनीता सोरेन ने जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता 2024 में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। 12 से 14 सितंबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में अनीता ने एथलेटिक्स के अंडर-19 बालिका वर्ग की भाला फेंक प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया।अनीता एक अत्यंत गरीब परिवार से आती हैं। उनके पिता ताला सोरेन शारीरिक रूप से बीमार रहते हैं, जिसके कारण घर का खर्च उनकी मां हप्पन हांसदा उठाती हैं। वह गांव में दूसरों के खेतों में और तिहाड़ी पर काम करके परिवार का भरण-पोषण करती हैं। अनीता पांच बहनों और एक छोटे भाई में चौथे नंबर की है। गरीबी के बावजूद, अनीता के अंदर पढ़ने-लिखने और खेल-कूद का जुनून है। उनकी शिक्षा में पूर्णिया के एक परिवार, विशेष रूप से दुर्गा जयसवाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। दुर्गा एक प्राइवेट स्कूल की शिक्षिका हैं और अपने पति के साथ गरीब बच्चों के बीच सामाजिक कार्य भी करती हैं।अनीता वर्तमान में अपग्रेडेड हाई स्कूल, रंगपुरा, मीरगंज, धमदाहा प्रखंड, पूर्णिया जिले में 9वीं कक्षा की छात्रा हैं। जिला स्तरीय प्रतियोगिता में सफलता के बाद अनीता का उत्साह बढ़ गया है और अब वह राज्य और राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए उत्सुक हैं।अनीता की यह उपलब्धि गरीबी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद मेहनत और दृढ़ संकल्प से सफलता हासिल करने की एक प्रेरणादायक कहानी है।

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