वृंदावन में सनसनी: प्रेमानंद महाराज के शिष्य ने चौथी मंजिल से कूदकर दी जान! प्राइवेट पार्ट कटा मिला

वृंदावन से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की चौथी मंजिल से गिरने से संदिग्ध हालत में मौत हो गई है। मृतक का असली नाम दीपक लोधी बताया जा रहा है, जो मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। घटना शुक्रवार 25 सितंबर को सुबह करीब 10:30 बजे की है। पुलिस के मुताबिक, यह घटना वृंदावन के वाराह घाट इलाके में स्थित गुरु कृपा कुंज बिल्डिंग की है। यह इमारत प्रेमानंद महाराज के पुराने आश्रम श्री हित राधा केली कुंज से करीब 500 मीटर दूर है।
इसी बिल्डिंग में प्रेमानंद महाराज से जुड़े करीब 50 साधक रहते हैं। एसपी सिटी राजीव कुमार और मथुरा पुलिस के अनुसार, दीपक उर्फ रसिक दुलारी शरण पिछले डेढ़ साल से आश्रम के पीछे बनी सोसाइटी के एक फ्लैट में रह रहे थे। उन्होंने फरवरी 2025 में संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी और उसके बाद उनका नाम रसिक दुलारी शरण रख दिया गया था। आश्रम में वह बिजली का काम देखते थे। पुलिस को सूचना मिली कि सर्वोदय अस्पताल में एक व्यक्ति घायल अवस्था में भर्ती हुआ है। जांच में पता चला कि वह दीपक ही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वह गुरुवार शाम/शुक्रवार सुबह चौथी मंजिल की छत पर गए, कुछ देर शांत बैठे और फिर नीचे गिर गए। गंभीर हालत में आश्रम के लोग ही उन्हें सर्वोदय अस्पताल लेकर गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक के कमरे से पुलिस को एक इलेक्ट्रॉनिक ग्राइंडर बरामद हुआ है। साथ ही शुरुआती मेडिकल जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उनके प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोट और कटने के निशान मिले हैं। सूचना पर सीओ संदीप सिंह, वृंदावन कोतवाली पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। शुरुआती जांच में पुलिस इसे सुसाइड मान रही है, लेकिन हत्या समेत हर एंगल से जांच की जा रही है। सवाल उठ रहा है कि आखिर 25 साल के युवा साधक ने ऐसा कदम क्यों उठाया। वह किस बात से परेशान था, इसका पता अभी नहीं चल पाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को सूचना दे दी है। मध्य प्रदेश से परिजनों के मथुरा पहुंचने के बाद ही पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। फिलहाल आश्रम की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
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