प्रेमानंद आश्रम में नया ड्रेस कोड लागू! शिष्य की खौफनाक मौत के बाद बदले नियम, दर्शन पर लगी रोक

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के श्री हित राधा केली कुंज आश्रम में अब सबकुछ पहले जैसा नहीं रहेगा। आश्रम के एक शिष्य की संदिग्ध मौत के बाद प्रबंधन ने शिष्यों के लिए कई बड़े और सख्त नियम लागू कर दिए हैं, साथ ही दर्शन को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। 25 सितंबर को गुरु कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से गिरकर 29 वर्षीय साधु रसिक दुलारी शरण की मौत हो गई थी। उनका असली नाम दीपक लोधी था और वो मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। उन्होंने 2015 में प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी। पुलिस शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या बता रही है, लेकिन कमरे से मिले सामान ने इस केस को और उलझा दिया है। पुलिस को दीपक के कमरे से खून से सना एक ग्राइंडर मिला है।
पोस्टमार्टम में सामने आया कि उनका प्राइवेट पार्ट कटा हुआ था और मौत अत्यधिक ब्लीडिंग से हुई। सीसीटीवी फुटेज में दीपक खून से सने कपड़ों में कमरे से बाहर निकलते, फिर छत पर जाकर 10 सेकंड लेटते और अचानक कूदते हुए दिख रहे हैं। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। इसी वजह से पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से जांच कर रही है। इसी घटना के बाद तूल पकड़े विवाद के बीच आश्रम प्रबंधन ने सोशल मीडिया पर एक सूचना जारी कर नए नियम बताए हैं: अब सभी शिष्य सफेद अचला या पीला वस्त्र नहीं पहन सकेंगे। जो शिष्य गृहस्थ हैं या किसी व्यवसाय जैसे दुकान, ठेला, नौकरी से जुड़े हैं, उन्हें सामान्य वस्त्र या कुर्ता-पायजामा पहनना होगा। सफेद वस्त्र पहनने की अनुमति केवल उन विरक्त साधकों को होगी जो पूरी तरह केली कुंज की सेवा और व्यवस्था में समर्पित हैं। आश्रम का कहना है कि इससे पहचान के भ्रम और फर्जीवाड़े को रोका जा सकेगा।
प्रेमानंद महाराज के एकांतिक दर्शन, वार्तालाप और नाम मंत्र दीक्षा को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में नए शिष्यों को दीक्षा देने के नियमों में भी कड़ाई की जाएगी। अब आसानी से किसी को भी शिष्य नहीं बनाया जाएगा। हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि आश्रम की तरफ से इन नियमों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और ये जानकारी साधकों द्वारा वायरल वीडियो के जरिए सामने आई है। फिलहाल प्रेमानंद महाराज स्वास्थ्य कारणों से एकांतवास में हैं और उनकी तरफ से इस पूरे मामले पर कोई बयान नहीं आया है। वहीं पुलिस मोबाइल, डायरी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दीपक लोधी की मौत की गुत्थी सुलझाने में लगी है। आश्रम में हुए इस हादसे के बाद श्रद्धालुओं के बीच कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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