प्रधानमंत्री मोदी के नामांकन पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने उठाया सवाल
वाराणसी,। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और इंडी गठबंधन के
वाराणसी से प्रत्याशी अजय राय ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के
नामांकन और मेगा रोड शो पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वाराणसी का
चुनाव प्रशासन पूरी तरह भाजपा प्रत्याशी, प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के
इशारों पर उनके चुनावी लाभ में पक्षपातपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके कई
बड़े उदाहरण हैं । भाजपा प्रत्याशी नरेन्द्र मोदी के नामांकन पत्र के कई
कालमों में वांछित सूचना नहीं भरे जाने के बावजूद आपत्तियां आमंत्रित किये
बिना उनके पर्चे को दबाव में एकतरफा वैध घोषित करना।
रुद्राक्ष
कन्वेंशन सेंटर को चुनावी राजनीतिक संवाद के लिये नरेन्द्र मोदी को आवंटित
होना और उनके आने जाने एवं रोड शो के मार्गों पर विशेष साज सज्जा,मार्गो
में रोशनी आदि में शासकीय एवं अर्ध शासकीय निकायों द्वारा व्यय के अलावा
प्रत्याशी द्वारा बसों, अन्य वाहनों, फूलों आदि पर किये गये भारी चुनावी धन
व्यय की अनदेखी करना है।
लहुराबीर महामंडल नगर स्थित अपने
केन्द्रीय चुनाव कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में अजय राय ने सरकार
पर कई आरोप लगाए। प्रत्याशी अजय राय ने कहा कि यह नितांत आपत्तिजनक है कि
अन्य प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों की छानबीन में दो तीन बार तक पुकार
लगाकर आपत्ति आमंत्रित की गई, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पर्चे
को बिना आपत्ति आमंत्रित किये सबसे पहले वैध कर दिया गया, जबकि अपनी
धर्मपत्नी की आय आदि से जुड़ी सूचनाओं के कालमों में मोदी ने कोई जानकारी
नहीं भरी है।
उन गंभीर कमियों के कारण ही भाजपा ने दल की ओर से एक
डमी प्रत्याशी का भी नामांकन कराया था। इस स्थिति में कांग्रेस ने उनके
नामांकन पर अपनी आपत्तियां चुनाव आयोग को आन-लाइन भेजीं है। वाराणसी
कमिश्नर की लम्बे समय से तैनाती को लेकर भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने
सवाल दागे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की विशेष कृपा से लगभग
पांच वर्षों से एक ही स्थान वाराणसी में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रखे गये
एक शीर्ष उच्चाधिकारी के दबाव में सब हो रहा है। उन्होंने बताया कि कमिश्नर
को यहां से हटाये जाने की मांग उ.प्र.कांग्रेस कमेटी ने चुनाव आयोग को
पत्र लिखकर की है।
अजय राय ने कहा कि अटैची लेकर बनारस आने जाने
वाले सांसदों की परम्परा पर इस चुनाव में विराम लगाने का फैसला जनता लेगी।
अटैची वाले ऐसे कई सांसद काशी आये एवं लौट गये । नरेंद्र मोदी भी काशी से
लौट जायेंगे। कारण साफ है काशी में रम कर काशी को जीने की संवेदना इन लोगों
में नहीं रही है। यदि काशी के लिये दिल में संवेदना होती, तो नरेन्द्र
मोदी 01 लाख 54 करोड़ की लागत एवं 1 लाख रोजगार के प्रतिष्ठान फाक्सोन
वेदांता सेमीकंडक्टर प्लांट तथा टाटा एयरबस सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट
प्रोजेक्ट 2022 में और 10 हजार करोड़ का सब मेरीन प्रोजेक्ट 2024 में
महाराष्ट्र से खींच कर गुजरात नहीं ले जाते। बल्कि जिस बनारस से जीवन का
सबसे बड़ा मर्तबा मिला, उसे अपने उसी बनारस क्षेत्र में ले आते और बच्चों
को रोजगार के बड़े अवसर खोलते।
काशी के युवाओं के लिये संवेदना दिल
में होती, तो अमूल डेयरी प्लांट में या सरकारी जमीन पर बने अडाणी के स्माल
बायोगैस प्लांट में सभी स्थायी कर्मी गुजराती नहीं होते, बल्कि काशी के
युवा होते और काशी के सारे निर्माण कार्य भी यहां के उद्यमी करते। उन्होंने
कहा कि इस सरकार में नेताओं को खरीदने का काम किया जा रहा है। मुझे तोड़ने
के लिए बहुत प्रयास किया गया। अब सबका भ्रम दूर तो हो गया ना, अजय राय को
कोई माई का लाल खरीद नहीं सकता, झुका नहीं सकता, तोड़ नहीं सकता। क्योंकि
हम काशी वासी हैं। महादेव के भक्त हैं। हमारे लिए पद, प्रतिष्ठा और पैसा
मायने नहीं रखता। हम सम्मान और स्वाभिमान के लिए राजनीति करते हैं।





