मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:42 · नई दिल्ली संस्करण

राहुल गांधी की हिरासत पर स्टालिन का विरोध, नीट को लेकर फिर उठाई बड़ी मांग

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
राहुल गांधी की हिरासत पर स्टालिन का विरोध, नीट को लेकर फिर उठाई बड़ी मांग

चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय ने बुधवार को नीट विवाद को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की निंदा करते हुए छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को 'अलोकतांत्रिक' बताया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी कर विजय ने कहा कि 'संसद चलो' मार्च में भाग ले रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई के बाद संसद परिसर के अंदर विरोध प्रदर्शन कर रही विपक्षी पार्टियों के साथ टीवीके मजबूती से खड़ी है।

उन्होंने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रति पार्टी के अडिग विरोध को भी दोहराया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी की स्थापना के बाद से ही टीवीके लगातार यह कहती रही है कि नीट को स्थायी रूप से समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी चुनावी लाभ के लिए इस मुद्दे का फायदा नहीं उठाएगी और कहा कि इस परीक्षा ने छात्रों और उनके परिवारों को भारी कठिनाई में डाल दिया है।

संरचनात्मक सुधारों की मांग करते हुए विजय ने कहा कि स्थायी समाधान शिक्षा को समवर्ती सूची से राज्य सूची में स्थानांतरित करना है, जिससे राज्यों को अपनी प्रवेश नीतियां निर्धारित करने का अधिकार मिल सके। उन्होंने सुझाव दिया कि जब तक ये संवैधानिक परिवर्तन नहीं हो जाते, तब तक केंद्र सरकार एक विशेष समवर्ती सूची बनाए जिससे राज्यों को स्कूली और चिकित्सा शिक्षा पर अधिक नियंत्रण मिल सके।

उन्होंने कहा कि टीवीके ने पार्टी के शैक्षिक पुरस्कार समारोह के दौरान अपने स्थायी और अंतरिम दोनों प्रस्ताव रखे थे और केंद्र से आग्रह किया कि वह छात्रों और तमिलनाडु के लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए एनईटी को वापस ले।

मुख्यमंत्री की ये टिप्पणियां देश भर में प्रश्नपत्र लीक, परीक्षा अनियमितताओं और चिकित्सा प्रवेश परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच आई हैं।

सोमवार को नई दिल्ली में हजारों छात्रों, युवा संगठनों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने 'संसद चलो' मार्च में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, नीट विवाद से प्रभावित छात्रों के लिए न्याय और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया, बैरिकेड लगाए गए और प्रदर्शनकारियों द्वारा संसद की ओर मार्च करने के प्रयास के दौरान लाठीचार्ज किया गया।

राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं सहित कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जो छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल हुए थे।

तमिलनाडु में भी छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों ने दिल्ली में पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए प्रदर्शन किए और नीट को समाप्त करने की अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग को दोहराया।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें