मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 6:34 · नई दिल्ली संस्करण

भारत में कोरोना से ठीक हो चुके लोगों में दिखी रीढ़ की हड्डी में फैल रहा संक्रमण

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

कोरोना वायरस ने लगभग हर तरह से लोगों को परेशान करके रख दिया है। अगर लोग कोरोना से संक्रमित होते हैं, तो भी उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है और अगर ठीक हो गए, तब भी उन्हें कई तरह की समस्याएं हो रही हैं। अब भारत में कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों में एक नई परेशानी देखने को मिल रही है। दरअसल, मुंबई में कुछ बुजुर्ग मरीजों में कोरोना की वजह से रीढ़ की हड्डी में संक्रमण फैल रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुहू स्थित नानावती अस्पताल में कोरोना से संक्रमित छह बुजुर्ग मरीजों अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में उनकी रीढ़ की हड्डी में संक्रमण पाया गया।

अस्पताल के डॉक्टर मिहिर बापट ने बताया कि उन बुजुर्ग मरीजों में कोरोना वायरस का संक्रमण इतना ज्यादा फैल चुका था कि उनमें से पांच मरीजों की रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन तक करना पड़ा। साथ ही उन्हें एंटीबायोटिक दवाएं भी दी गईं। उन्होंने बताया कि इन मरीजों को पूरी तरह से ठीक होने में कम से कम तीन महीने लगेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 68 वर्षीय रीनोल्ड सिरवेल कोरोना की वजह से सितंबर से अस्पताल में भर्ती थे। उनके बेटे ने बताया कि कोरोना से संक्रमित होने के बाद उन्हें 10 दिनों के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज किया गया, लेकिन घर लौटने के कुछ ही दिनों बाद उनकी पीठ के निचले हिस्से में तेज दर्द होने लगा, जिसके बाद फिर से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

स्पाइनल बायोप्सी में रीनोल्ड सिरवेल की रीढ़ की हड्डी में बैक्टीरिया पाए गए। हैरानी की बात ये है कि ये बैक्टीरिया सिर्फ अस्पताल के आईसीयू में ही पाए जाते हैं। बाद में उनकी रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन किया गया और कुछ दिनों के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालांकि अब उन्हें तीन हफ्तों तक लगातार एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करना होगा।

एक डॉक्टर का कहना है कि रीढ़ की हड्डी में संक्रमण सिर्फ अस्पताल के आईसीयू में पाए जाने वाले सूक्ष्म जीवों के कारण होता है, यानी कोरोना का इलाज करवाने के लिए अस्पतालों में जा रहे मरीजों को वहीं से संक्रमण हो रहा है।

डॉ. मिहिर बापट का कहना है कि रीढ़ की हड्डी में संक्रमण कम इम्यूनिटी की वजह से हो रहा है, कोरोना वायरस की वजह से नहीं। हालांकि कोरोना के जिन मरीजों की इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उनकी रीढ़ की हड्डी में संक्रमण हो सकता है। वह कहते हैं कि अगर कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों को पीठ में दर्द रहता है और दो हफ्ते आराम करने के बाद भी ठीक नहीं होता है, तो ऐसे मरीजों को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें