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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:23 · नई दिल्ली संस्करण

हाइपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी विषय पर विशेष सीएमई का हुआ आयोजन

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
हाइपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी विषय पर विशेष सीएमई का हुआ आयोजन

वाराणसी : उत्तर प्रदेश वाराणसी जिले में भिखारीपुर स्थित एपेक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह की संरक्षता में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों को एचबीओटी की आधुनिक तकनीक, इसके क्लिनिकल उपयोग तथा रोगियों को मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

इस अवसर पर हाइपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी विषय पर एक विशेष सीएमई का आयोजन हुआ, जिसमें आईएमएस बीएचयू के पूर्व विभागाध्यक्ष प्लास्टिक सर्जरी प्रो. डॉ प्रदीप जैन और एपेक्स के प्लास्टिक सर्जन डॉ. राजीव कुमार की उपस्थिति रही।

एपेक्स के निदेशक डॉ. स्वरूप पटेल, डॉ. अंकिता पटेल, कैंसर रिहैब विशेषज्ञ डॉ. दिबयेन्दु रॉय, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट डॉ. सौम्याश्री, एचबीओटी विशेषज्ञ डॉ. दन्यनेश्वर ठाकुर, एपेक्स के क्लीनिकल ओंकोलॉजिस्ट डॉ. गौरव गोस्वामी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर सीएमई का शुभारंभ किया गया।

सत्र में विशेषज्ञों ने अपने प्रस्तुतीकरण एवं वीडियोज़ के माध्यम से उन्नत चिकित्सा पद्धति एचबीओटी के बारे में बताया कि इस थेरेपी में रोगी को विशेष रूप से डिजाइन किए गए प्रेशर चैंबर में 100 प्रतिशत शुद्ध ऑक्सीजन दी जाती है।

बढ़े हुए वायुदाब के कारण शरीर के ऊतकों तक अधिक मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचती है, जिससे क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत तेजी से होती है, संक्रमण नियंत्रण में सहायता मिलती है तथा घाव भरने की प्रक्रिया बेहतर होती है। यह थेरेपी विशेष रूप से डायबिटिक फुट अल्सर, न भरने वाले घाव, रेडिएशन इंजरी, ऑस्टियोमायलाइटिस, कार्बन मोनोऑक्साइड विषाक्तता, कम्प्रोमाइज्ड ग्राफ्ट एवं फ्लैप्स तथा कैंसर उपचार के बाद उत्पन्न जटिलताओं में प्रभावी मानी जाती है।\

जो कई जटिल चिकित्सीय स्थितियों में उपचार के परिणामों को बेहतर बनाकर मरीजों की रिकवरी को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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