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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:04 · नई दिल्ली संस्करण

सपा नेता आजम आजम खां को कोर्ट से राहत, भड़काऊ भाषण मामले में बरी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
सपा नेता आजम आजम खां को कोर्ट से राहत, भड़काऊ भाषण मामले में बरी

रामपुर। समाजवादी पार्टी (सपा) के महासचिव आजम खां को मंगलवार को बड़ी राहत मिल गई। भड़काऊ भाषण के मामले में उन्हें कोर्ट ने बरी कर दिया है। पुलिस की तरफ से उनके खिलाफ साक्ष्य नहीं दिया जा सका।

इसके साथ ही कोर्ट ने विवेचक के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। मंगलवार को इस मामले की सुनवाई हुई।

सुनवाई के लिए सपा नेता आजम खां दोपहर में कोर्ट पहुंचे, जहां सुनवाई के बाद एमपी एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में सपा नेता को बरी कर दिया।

दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनाव में तत्कालीन एसडीएम सदर पीपी तिवारी की ओर से सपा नेता आजम खां के खिलाफ भड़काऊ भाषण का मामला दर्ज कराया गया था। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन था। इस मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से अंतिम बहस पूरी हो चुकी थी।

कोर्ट से बाहर आकर आजम खान अपने अंदाज में नजर आए। उन्होंने कहा कि बहुत कम ऐसा हुआ है कि बेगुनाह ही बेगुनाह साबित हुआ है।

पुलिस ने जिस तरह से मुकदमा किया, उन्होंने सच को छुपाने के लिए कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी थी। उन्होंने कहा कि अगर हम इसमें बरी हुए हैं, तो इसका मतलब यह है कि हमने सभी हदें पार कीं और उस साजिश व मंसूबे बाजी के खिलाफ इंसाफ पाने में कामयाब हुए, जिसमें पूरे परिवार को मुजरिम बनाने की कोशिश की गई थी।

तमाम सबूत-इलेक्ट्रॉनिक वीडियो और ऑडियो देने के बावजूद उन्हें नहीं माना गया।

ज्ञात हो कि चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव का है। आजम खां लोकसभा चुनाव लड़े थे और जीते भी थे। इस दौरान उनके खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मुकदमे दर्ज हुए थे। चुनाव के दौरान रामपुर के मिलक थाना क्षेत्र के खटानागरिया गांव में आज़म खान ने एक चुनावी सभा को संबोधित किया था।

सभा में उन्होंने तत्कालीन रामपुर डीएम अन्जनेय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री योगी, प्रधानमंत्री मोदी और कांग्रेस उम्मीदवार संजय कपूर पर कथित रूप से टिप्पणियां की थी। अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि आज़म ने चुनाव आयोग को ‘भ्रष्ट’ बताते हुए मतदाताओं को ध्रुवीकरण के लिए उकसाया।

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